
बच्चे अपने माता-पिता फटाके खरीदने पहुंचे। इस दौरान दुकान में काफी भीड़ देखने को मिली।

दिवाली पर चिकनी मंदिर और गोलबाजार में रंगोली की दुकानें भी सजकर तैयार है।

दिवाली की खरीददारी के लिए मालवीय रोड से सदर और गोलबाजार में दिनभर लोग के लिए पहुंचे।

कारोबारियों के अनुसार अब आने वाले पूरा हफ्ता बाजार में भीड़ रहेगी। क्योकि त्यौहार करीब आ चूका है।

दीपावली से पहले बाजार ग्राहकों से गुलजार हो गए हैं। बाजार में दुकानें रंग-बिरंगी लाइटों से सजी हुई हैं।

दीपावली के लिए मिटटी के दियो का बाजार भी सजकर तैयार है। मिट्टी के दीये की खूब डिमांड है। इससे वातावरण भी होता है शुद्ध

इस बार दिवाली पर घरों में जगमगाने के लिए नई वैरायटी के दीयों में सबसे ज्यादा डिमांड तुलसी ग्यारस की है।

इस बार दिवाली पूजा में जलने वाली अगरबत्ती मिट्टी के दीये में ही लगाएं। मार्केट में यह अगरबत्ती स्टैंड दो अलग-अलग वैरायटी में मिल रहा है।

दिवाली के पहले सजे बाजारों में चार बत्ती दीया भी खूब डिमांड में है. मिट्टी से बना यह दीया 10 रुपए प्रति नग में मिल रहा है।

मिट्टी से बने यह दीये आपको हर जगह आसानी से मिल जाएंगे। ज्यादातर इन्हीं दीयों की खरीदी होती है।

ग्वालिन में सात, नौ दीपों की दीपमाला बनी रहती थी। चूंकि उस समय लक्ष्मी पूजन दीपों से होती थी, उसे दीप लक्ष्मी के नाम से जाना जाता था।