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पर्यावरण को बचाने एक नई पहल, कई जगहों पर विराजेंगे इको- फ्रेंडली गणपति

गणेश चतुर्थी के अवसर पर इको-फ्रेंडली प्रतिमा के निर्माण तथा प्रतिमाओं को नदी में विसर्जन की जगह गार्डन व गमलों में मिट्टी के साथ उपयोग किया जायेगा

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eco frendly ganesha

पर्यावरण को बचाने एक नई पहल, कई जगहों पर विराजेंगे इको- फ्रेंडली गणपति

रायपुर. पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रही स्मार्ट सिटी रायपुर की संस्था एक पहल के सदस्य शुक्रवार को कमिश्नर रजत बंसल से भेंटकर गणेश चतुर्थी के अवसर पर इको-फ्रेंडली प्रतिमा के निर्माण तथा प्रतिमाओं को नदी में विसर्जन की जगह गार्डन व गमलों में मिट्टी के साथ उपयोग कर एक पौधे को नया जीवन देने की योजना की विस्तार से जानकारी दी। कमिश्नर बंसल ने समाजसेवी संगठनों द्वारा पर्यावरण संरक्षण की इन गतिविधियों की सराहना की है। एक पहल सेवा समिति जो कि रायपुर शहर सहित पूरे प्रदेश में गौ सेवा व पर्यावरण संबंधी गतिविधियां कर रही है, इस संस्था के अध्यक्ष राजकुमार साहू व उपाध्यक्ष रितेश अग्रवाल ने बताया कि गणेश चतुर्थी पर पर्यावरण अनुकूल इको-फ्रेंडली श्री गणेश की 1000 प्रतिमाएं बनाने की योजना है।

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इन प्रतिमाओं को 70 प्रतिशत मिट्टी 20 प्रतिशत गोबर एवं 10 प्रतिशत खाद डालकर बनाई जाएगी। इन प्रतिमाओं को 1 फीट, 1.25 फ़ीट व 1.50 फ़ीट के मापदंडों के अनुसार बनाई जाएगी। उत्सव के बाद जलाशयों में विसर्जित न कर किसी गार्डन व गमले में विसर्जित किया जाएगा।

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एक पहल सेवा समिति न सिर्फ प्रतिमाओं की बनावट का काम करती है। हवन व दाह संस्कार के कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सामग्रियों का निर्माण भी देशी गाय के गोबर से किया जाता है। इससे उत्पन्न भस्म जो नदियों में प्रवाहित की जाती है, वह भी पर्यावरण संरक्षण के लिए अनुकूल है। इस के लिए निर्धन परिवारों से निम्नतम शुल्क लिया जाता है।

इस साल 13 सितम्बर को पुरे देश में धूमधाम से गणेश चतुर्थी मनाया जायेगा। जिसके लिए अभी से पुरे देश में जोर चोर से तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।