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चुनाव जीतकर इस बार तीन महिलाएं पहुंच सकती हैं छत्तीसगढ़ विधानसभा में

मतगणना तक यह कहना मुश्किल होगा कि इस बार कितनी महिला विधायक विधानसभा पहुंचेंगी, लेकिन एक बात तो तय है कि 90 में से तीन विधानसभा सीट ऐसी हैं, जहां महिला प्रत्याशियों के जीतने की पूरी संभावना है।
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women voters decide mp election 2018 result

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रायपुर. छत्तीसगढ़ में पांचवीं विधानसभा के लिए हुए चुनाव में महिला मतदाताओं के साथ-साथ महिला विधायकों की भी भूमिका महत्त्वपूर्ण होगी। मतगणना तक यह कहना मुश्किल होगा कि इस बार कितनी महिला विधायक विधानसभा पहुंचेंगी, लेकिन एक बात तो तय है कि 90 में से तीन विधानसभा सीट ऐसी हैं, जहां महिला प्रत्याशियों के जीतने की पूरी संभावना है। दरअसल, इन तीनों सीटों में कांग्रेस-भाजपा ने महिला प्रत्याशियों को ही चुनाव मैदान में उतारा है। इस लिहाज से इनके बीच सीधा मुकाबला है। यदि वहां जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जकांछ) और आम आदमी पार्टी (आप) का जादू नहीं चलता है, तो इनका जीतना लगभग तय माना जा रहा है।

इस बार के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 13 और भाजपा ने 14 महिला प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा है। इसमें से बिलासपुर संभाग की दो सीट सारंगढ़ और तखतपुर में कांग्रेस-भाजपा दोनों ने महिला प्रत्याशियों पर दावं खेला है। सारंगढ़ में भाजपा की केराबाई मनहर व कांग्रेस की उत्तरी जांगड़े और तखतपुर में भाजपा की हर्षिता पांडेय व कांग्रेस की डॉ. रश्मि सिंह चुनाव मैदान में है। वहीं रायपुर संभाग की एक सीट सिहावा में भी महिला प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला है।

वहां से भाजपा ने पिंकी शिवराज शाह और कांग्रेस की लक्ष्मी धु्रव के बीच हार-जीत का फैसला होने की संभावना है। बता दें कि पिछली बार 10 महिला प्रत्याशियों ने चुनाव जीता था। इनमें भाजपा की छह और कांग्रेस की चार महिला विधायक थीं। जबकि राज्य निर्माण के बाद पहली विधानसभा के गठन के समय 6 महिला प्रत्याशी विधानसभा पहुंचने में सफल रही थीं। इन सभी महिलाओं ने कांग्रेस से चुनाव जीता था।

रेणु ही लगातार तीन बार पहुंची विधानसभा
प्रदेश में महिला विधायकों का इतिहास बहुत अच्छा नहीं रहा है। हर बार इनकी संख्या कम-ज्यादा होती रही है। इसके बावजूद अहम बात यह है कि केवल एक महिला विधायक ही ऐसी हैं, जो तीन बार विधानसभा में पहुंची हैं। डॉ. रेणु जोगी दूसरी, तीसरी और चौथी विधानसभा में कांग्रेस सदस्य के रूप में विधायक बनी। इस बार कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर डॉ. जोगी जकांछ से चुनाव लड़ रही हैं। इनके बाद दो बार विधानसभा पहुंचने वाली महिला सदस्यों में रेणुका सिंह, लता उसेंडी और रमशीला साहू हैं।

सारंगढ़ में तीन बार से महिला विधायक
प्रदेश की एक मात्र विधानसभा सीट सारंगढ़ ऐसी है, जहां पिछले तीन बार से महिला विधायक है। दूसरी विधानसभा में सारंगढ़ से बसपा प्रत्याशी कामदा जोल्हे ने जीत हासिल की थी। तीसरी विधानसभा में यह सीट कांग्रेस की पद्मा मनहर के पास थी। चौथी विधानसभा में भाजपा की केराबाई मनहर ने चुनाव जीता था। इस बार भी यहां से महिला प्रत्याशी के जीतने की उम्मीद की जा रही है।

पहली विधानसभा की महिला सदस्य
कांग्रेस से रानी रत्नमालादेवी चंद्रपुर, श्यामा धु्रवा कांकेर, फुलोदेवी नेताम केशकाल, प्रतिमा शाह चित्रकोट, प्रतिमा चंद्राकर खेरथा, गीतादेवी सिंह डोंगरगांव।

दूसरी विधानसभा की महिला सदस्य
भाजपा से रेणुका सिंह प्रेमनगर, पिंकी शिवराज शाह सिहावा, लता उसेंडी कोंडागांव, रमशीला साहू गुंडरदेही। बसपा से कामदा जोल्हे सारंगढ़। कांग्रेस से डॉ. रेणु जोगी कोटा।

तीसरी विधानसभा की महिला सदस्य
भाजपा से रेणुका सिंह प्रेमनगर, रजनी त्रिपाठी भटगांव, लक्ष्मी बघेल बलौदाबाजार, कुमारी मदन साहू संजारी बालोद, नीलिमा सिंह टेकाम डौंडीलोहारा, सुमित्रा मारकोले कांकेर, लता उसेंडी कोंडागांव। कांग्रेस से पद्मा मनहर सारंगढ़, डॉ. रेणु जोगी कोटा, सरोजा राठौर सक्ती, अंबिका मरकाम सिहावा, प्रतिमा चंद्राकर दुर्ग ग्रामीण।

चौथी विधानसभा की महिला सदस्य
भाजपा से चंपादेवी पावले भरतपुर सोनहट, सुनीती राठिया लैलूंगा, केराबाई मनहर सारंगढ़, रूपकुमारी चौधरी बसना, रमशीला साहू दुर्ग ग्रामीण, सरोजनी बंजारे डोंगरगढ़। कांग्रेस से डॉ. रेणु जोगी कोटा, अनिला भेडिय़ा डौंडीलोहारा, तेजकुंवर गोवर्धन नेताम मोहला मानपुर, देवती कर्मा दंतेवाड़ा।