रायपुर. ट्रिपलआईटी के सीएस छात्रों ने एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम डेवलप किया है। इससे यह पता चल पाएगा कि किस जगह की हवा कितनी प्रदूषित है। कंप्यूटर इंजीनियरिंग के छात्र मानसरोवर बजरंग, प्रांजल वर्मा और आर्यन चंद्राकर ने बताया, वायू प्रदूषण के चलते हर साल दुनियाभर में ६.५ मिलियन मौतें होती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए हमने एक मॉडल बनाया जो सेंसर बेस्ड है। यह बताएगा कि कौन से इलाके की एयर क्वालिटी कैसी है? इतना ही नहीं इससे यह भी पता चलेगा कि वहां रहने से कौन-कौन सी बीमारियां होती हैं। प्रोजेक्ट से किसी स्थान में हवा की नमी भी जान सकेंगे। इस प्रोजेक्ट को हमने 1100 रुपए में तैयार किया है। गाइड डॉ. वेकन्ना सर का रहा।
ऐसे करेगा काम
एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम में तीन सेंसर यूज हुए हैं। एमक्यू-135 हवा की गुणवत्ता बताता है। डीएचटी-11 से टेंप्रेचर और ह्यूमिडिटी पता चलती है। इसके अलावा माइक्रोकंट्रोलर ईएसपी-8266 का काम डेटा को क्लाउड में सेंट करना होता है। जो डेटा मिलता है वह बॉयनरी में होता है जिसे वह ऐसी लैंग्वेज में कन्वर्ट करता है जिसे हम समझ सकें।