सिनेमा आज के युग में सोशल मीडिया का सबसे बड़ा माध्यम बनकर उभर रहा है। फिल्म में दिखाए जाने वाले दृश्य समाज के हर वर्ग के लोगों पर एक अमिट छाप छोड़ता है। यही वजह है कि फिल्म में रियल लाइफ से रील लाइफ को दिखाने की कोशिश की जाती है, ताकि पब्लिक पॉजिटिव चीजों को ग्रहण कर अपना चरित्र-निर्माण करें। लेकिन फिल्मों का क्रेज आज के यूथ पर इतना हो गया है कि वे स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी, पं. जवाहरलाल नेहरू जैसे महापुरुषों का अनुसरण करने के बजाए फिल्म के विलन गब्बर को अधिक फॉलो करते हैं। यह कहना है रायपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में शिरकत करने राजधानी पहुंचे एक हिन्दी अखबार के प्रधान संपादक मुकेश भारद्वाज का। जिन्होंने अपराध और सिनेमा विषय पर अपने विचार रखे।