25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Transport Strike : रायपुर में पेट्रोल-डीजल मिलना बंद ! हिट एंड रन कानून को लेकर हड़ताल पर उतरे टैंकर चालक…

Transport Strike : हिट एंड रन के नए कानून को वापस लेने की मांग को लेकर वाहन चालकों की हड़ताल के चलते प्रदेशभर में 1 लाख से ज्यादा बस, ट्रक और टैंकर के पहिए थम गए हैं।

2 min read
Google source verification
transport_strike.jpg

Transport Strike : हिट एंड रन के नए कानून को वापस लेने की मांग को लेकर वाहन चालकों की हड़ताल के चलते प्रदेशभर में 1 लाख से ज्यादा बस, ट्रक और टैंकर के पहिए थम गए हैं। इसका असर पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी लाइन के रूप में दिखा। रायपुर के 40 से अधिक पंपों में पेट्रोल-डीजल खत्म हो गया है। शहर के 24 में से 20 पंप ड्राय हो गए हैं। भिलाई और जगदलपुर में भी यही हालात थे। वहीं बिलासपुर में दोपहर में ड्राय रहे पंप शाम को सप्लाई मिलने से खुल गए।

रिंग रोड में चक्का जाम : रायपुर के रिंग रोड नंबर 4 स्थित धनेली नाला के पास ड्राइवरों ने सुबह 11 बजे चक्काजाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दूसरे राज्यों से आ रहे वाहनों को भी रोककर आंदोलन में शामिल होने का दबाव बनाया। करीब दो घंटे तक चले चक्काजाम के कारण रिंग रोड में जाम लग गया था। जिसे हटाने में पुलिस को लगभग 3 घंटे की लगे।

4200 ट्रकों का संचालन बंद: बस्तर कोरापुट परिवहन संघ के अध्यक्ष सुखदेव सिंह सिध्दू ने बताया कि हिट एंड रन के नए कानून के विरोध में ड्राइवर सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहे है। उनके समर्थन में परिवहन संघ के 4200 ट्रकों का संचालन बंद रखा गया है। छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के अध्यक्ष अनवर अली ने ड्राइवरों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि नए कानून में बहुत सख्ती बरती गई है। इससे ड्राइवर के परिवार के सामने भूखे मरने की नौबत आ जाएगी।

केंद्र सरकार के नए हिट एंड रन के प्रकरण में ड्राइवरों को 10 साल कारावास और 7 लाख जुर्माना का प्रावधान किया गया है। हादसा होने के बाद ड्राइवर के पकडे़ जाने पर जुर्म दर्ज होने पर सजा के साथ जुर्माना भी देना पड़ेगा। इस समय जमानती अपराध के तहत जुर्म दर्ज किया जाता है। पकड़े जाने पर 3 से 6 माह सजा, 10 हजार तक जुर्माना और लाइसेंस निरस्तीकरण का प्रावधान है। बता दें कि हिंट एंड रन के अधिकांश मामलों में आरोपी ड्राइवर सड़क हादसे के बाद पकड़े नहीं जाते हैं।

शासन ने दिए निगरानी के निर्देश

पेट्रोल-डीजल की किल्लत को देखते हुए खाद्य विभाग ने सभी कलेक्टरों को निगरानी रखने की हिदायत दी है। जारी निर्देश में कहा गया है कि पेट्रोल-डीजल व घरेलू गैस अति आवश्यक वस्तु की श्रेणी में शामिल हैं। इन वाहनों के आवागमन में परेशानी न हो इसलिए राजस्व, पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम बनाई जाए।

सप्लाई वाले 1000 टैंकरों के पहिए थमेएचपीसीएल, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम तीनों कंपनियों के लगभग एक हजार टैंकर और 2200 से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं। हड़ताल के चलते पंपों तक तेल नहीं पहुंचा पा रहा। अधिकांश पम्पों में पेट्रोल-डीजल खत्म हो गया है। केवल रिजर्व स्टॉक उपलब्ध है। यदि हड़ताल लंबी खिंची और सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो मंगलवार-बुधवार से पेट्रोल-डीजल के लिए हाहाकार मच सकता है।