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आदिवासी ग्रामीण को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में दो डिप्टी रेंजर गिरफ्तार

अधिकारीयों की प्रताड़ना से तंग आकर एक आदिवासी ग्रामीण ने आत्महत्या कर ली थी। इस सिलसिले में अब जाकर पुलिस ने आरोपियों गिरफ्तार किया है।

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कवर्धा। जिले में दो डिप्टी रेंजर ने मिलकर एक बैगा आदिवासी को इतना प्रताड़ित किया की वह आत्महत्या करने को मजबूर हो गया। दरअसल मृतक ने जंगल से घर के लिए दरवाजा बनाने लकड़ी काट ली थी जब दोनों अधिकारीयों को पता चला तो उन्होंने मृतक को परेशान करना शुरू कर दिया। ग्रामीण पर कार्यवाही न करते हुए 50 हजा रुपनए की मांग की। प्रताड़ित होकर बैगा ने आत्महत्या किया। मामले में कुकदुर पुलिस टीम ने सोमवार को वन विकास निगम के दोनों डिप्टी रेंजर को गिरफ्तार किया और रिमांड पर भेजा।

10 से 11 सितंबर के बीच ग्राम कमराखोल निवासी बुधराम बैगा मुनमुना खार जंगल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। मामले में परिजनों ने वन विकास निगम के दोनों डिप्टी रेंजर के खिलाफ कुकदुर थाना में रिपोर्ट कराने पहुंचे लेकिन वहां पर रिपोर्ट दर्ज नहीं किया गया। मामले की जानकारी होने पर मीडिया में उछाला गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए 24 सितंबर को राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र सांसद संतोष पाण्डेय पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे।

वहीं से सांसद ने एसपी से बात की। 15 दिन बाद भी मामले में कार्रवाई नहीं होने को लेकर पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाया गया। इसके बाद थाना कुकदुर में आत्महत्या के उकसाने के तहत धारा 306, 34 भादवि का अपराध पंजीबद्ध किया। आरोपियों की पता तलाश किया। थाना प्रभारी कुकदुर निरीक्षक सावन सारथी ने बताया कि डिप्टी रेंजर प्रवीण सिंह परिहार (42) और डिप्टी रेंजर अनिल कुर्रे को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर जुडिशल रिमांड पर भेजा गया।

यह रहा पूरा मामला
वन विकास निगम कवर्धा परियोजना मंडल के अधिकारी डिप्टी रेंजर प्रवीण सिंह परिहार (42) और डिप्टी रेंजर अनिल कुर्रे द्वारा कुकदुर थाना अंतर्गत मृतक बुधराम बैगा को कमराखोल जंगल में सागौन लकड़ी काटते समय पकड़ा गया। लेकिन कार्यवाही नहीं करने के बदले उससे 50 हजार रुपए की मांग किया गया। रुपए नहीं देने पर घर पहुंचकर जेल भेजने की बात कहते। मृतक बुधराम इससे परेशान हो चुका था। से पैसे जुगाड़ने की कोशिश की आखिरकार उसने आत्महत्या कर ली।

खबर छपी, हरकत में आई पुलिस
मुनमुना खार के जंगल में 11 सितंबर को बुधराम की लाश मिल गई थी। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव को परिजन को सौंप दिया था। परिजन बार- बार आरोप लगाकर कह रहे थे कि बुधराम की मौत के जिम्मेदार डिप्टी रेंजर अनिल और प्रवीण है, लेकिन थाने में उनकी सुनवाई नहीं हुई। मीडिया ने मामले को उछाला जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।

घबराए आरोपियों ने परिजनों को दिया पैसों का लालच
मीडिया द्वारा खबर प्रकाशित होने के बाद आरोपी डिप्टी रेंजर्स हड़बड़ा गए थे। उन्होंने पीड़ित परिवार को पैसों का लालच देकर मामले को रफा- दफा करने कोशिश की। लेकिन बात नहीं बन पाई। इसमें पीड़ित परिवार के करीबी से मामले को दबाने की बातचीत है। मृतक की पत्नी को पैसों का लालच देने जैसी बातें हो रही है।