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अनोखी शादी: ई-रिक्शा में बारात लेकर पहुंचा और मुर्गी संग रचाई शादी, बतख बनी बाराती

आपने अजीबोगरीब शादियों के बारे में सुना होगा, लेकिन क्या आपने किसी मुर्गे-मुर्गी की शादी के बारे में सुना है। छत्तीसगढ़ में एेसा ही एक वाकया सामने आया
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रायपुर

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Ashish Gupta

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Updated: 7 May 2018, 9:00 AM IST

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गाजे-बाजे के साथ मुर्गे ने निकाली बारात, मुर्गी संग रचाई शादी, बारातियों ने दिया ये अनोखा गिफ्ट

दंतेवाड़ा. आपने अजीबोगरीब शादियों के बारे में सुना होगा, लेकिन क्या आपने किसी मुर्गे-मुर्गी की शादी के बारे में सुना है। यह बात आपको जरूर अटपटी लग रही होगी, लेकिन छत्तीसगढ़ में एेसा ही एक वाकया सामने आया है।

कड़कनाथ मुर्गे की प्रजाति को बढ़ावा देने के मकसद से जिला प्रशासन व कृषि विज्ञान केंद्र ने महिला स्वसहायता समूह के माध्यम से ऐसा कुछ कर दिया कि यह देश में अपने तौर की एक नायाब बानगी बन गई। दरअसल, दंतेश्वरी मंदिर में कड़कनाथ प्रजाति के मुर्गा 'कालिया' और मुर्गी 'सुंदरी' का विवाह आदिवासी परंपरानुसार कराया गया।

इससे पहले हीरानार कड़कनाथ हब के कालिया (वर) की बारात हीरानार से निकली। गाजे-बाजे के साथ निकली इस बारात के साक्षी सैकड़ों लोग बने। बाराती पिकअप पर सवार थे। इधर, वधु पक्ष के लोग भी एक इ-रिक्शा पर बैठकर दंतेश्वरी मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में विवाह की रस्म निभाई गई। इसके बाद बाराती बने लोगों ने बत्तख व अनाज का उपहार वर-वधु को दिया।

गौरतलब है कि तीन दिनों से जारी इस समारोह में विवाह की हर रस्म निभाई गई। इसमें तेल-हल्दी-लग्न आदि सभी रिवाजों का पालन किया गया। बारात में शामिल होने के लिए बाकायदा आमंत्रण कार्ड भेजे गए थे। इन आमंत्रण कार्ड पर 'कालिया' और 'सुंदरी' की शादी में सबको शामिल होने का न्योता दिया गया था।

तय हुआ था रिश्ता, निभाई गई हल्दी रस्म
हीरानार कड़कनाथ हब में पल रहे मुर्गे कालिया का विवाह 6 किमी दूर स्थित कासौली की सुंदरी से तय हुआ था। दोनों ही पक्ष के लोग एक-दूसरे के घर गए व रिश्ता तय किया था। इसके बाद हल्दी की रस्म निभाई गई। तय किया गया कि यह परिणय मां दंतेश्वरी के आशीर्वाद से होगा।

मुर्गीपालन को प्रोत्साहित करने पहल
मुर्गीपालन को प्रोत्साहित करने के लिए स्वसहायता समूह की महिलाओं ने कड़कनाथ की शादी करवाने का प्लान किया था। इस पहल को और बेहतर करने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक ने इन सभी स्वसहायता समूह का समर्थन किया।

प्रमोट कर रहे

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक नारायण साहू ने बताया कि यह शादी प्रशासन ने नहीं, समूह की महिलाओं और पुरुषों ने कराई है। वे सिर्फ उन्हें प्रमोट कर रहे हैं।