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आज के दिन चली थी पहली भारतीय यात्री ट्रेन,छत्तीसगढ़ में रायपुर और बिलासपुर से पहले पहुंची थी राजनांदगाव

आज के दिन चली थी पहली भारतीय यात्री ट्रेन,छत्तीसगढ़ में रायपुर और बिलासपुर से पहले पहुंची थी राजनांदगाव।

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आज के दिन चली थी पहली भारतीय यात्री ट्रेन,छत्तीसगढ़ में रायपुर और विलासपुर से पहले पहुंची थी राजनांदगाव

रायपुर.देश और दुनिया में 16 अप्रैल के दिन कई महत्वपूर्ण घटनाये घटी थी।उन घटनाओं में से सबसे पहत्वपुर्ण घटना थी आज के दिन ही भारत में पहली ट्रेन का चलना।दुनिया में पहली यात्री ट्रेन 1825 में शुरू हुई थी जबकि भारत में यह 1853 में शुरू हुई।आज भारतीय रेल नेटवर्क आज दुनिया में अमेरिका,रूस एवं चीन के बाद चौथा सबसे बड़ा नेटवर्क हैIयही नहीं भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे सस्ते रेलवे में से एक है जहाँ प्रति किलोमीटर 10 पैसे की दर से किराया लिया जाता है जबकि भारतीय बसों में ही इसका 10 गुना किराया है।

भारतीय रेलवे का इतिहास

देश में पहली बार 22 दिसंबर,1851 को ट्रेन पटरी पर दौड़ी थीI वहीं पहली यात्री ट्रेन 15 अप्रैल,1853 को मुंबई से ठाणे के बीच चलीI इस 35 कि.मी. के सफ़र में भाप के इंजन के साथ कुल 14 डिब्बे थेI यात्री डिब्बों को वातानुकूलित करने का कार्य 1936 में पूरा हुआ Iगौरतलब है कि भारतीय रेलवे अधिनियम को 1890 में पारित करवाया गया था और इसका राष्ट्रीयकरण वर्ष 1950 में हुआ था।वर्तमान में भारतीय रेलवे में कुल 13.1 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं I

भारतीय रेलवे के रोचक तथ्य

भारतीय रेलवे अपने आप में बहुत से रोचक तथ्यों को समेटे हुए है और यह एक अनूठा नेटवर्क हैI 3355 मीटर लम्बे गोरखपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नम्बर एक को दुनिया का सबसे लंबा रेलवे प्लेटफार्म माना जाता है इससे पहले 1072 मीटर लंबे खड़गपुर रेल्वे स्टेशन को यह खिताब हांसिल था I इस लिहाज से दुनिया के दो सबसे बड़े प्लेटफॉर्म भारत में है।


भारतीय रेलवे की फेयरी क्वीन को दुनिया में सबसे पुराना इंजन माना जाता है जो अभी भी कार्यरत हैI भारतीय रेलवे के अंतर्गत एक विशेष तरह की रेल भी चलाई जाती है जिसे लाइफलाइन एक्सप्रेस के नाम से जाना जाता हैI इसे हॉस्पिटल ऑन व्हील भी कहते हैं जिसमें ऑपरेशन रूम से लेकर इलाज तक की सारी सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैंI

सबसे लंबी दूरी की रेल के बारे में बात की जाए तो विवेक एक्सप्रेस का नाम आता है जो कन्याकुमारी से डिब्रूगढ़ तक कुल 4286 किलोमीटर की दूरी तय करती है और इसे पूरा करने में यह 80 घंटे 15 मिनट का समय लेती है।यह कुल 55 स्टॉप्स पर रुकती है।

छत्तीसगढ़ में भारतीय रेलवे

छत्तीसगढ़ में पहली भारतीय ट्रेन राजनांदगाव में सन 1882 में आयी।“नागपुर छत्तीसगढ़ रेलवे” सौ मीटर गेज लाइन जो नागपुर,तुमसार से गोंदिया होते हुए राजनांदगांव तक था।नागपुर से तुमसार की लाइन 6 जुलाई 1880 को शुरू हुई और फिर सभी स्टेशन को जोड़ते हुए 16 फरवरी 1882 को राजनांदगांव तक लाइन पूरी की गई।

इस तरह रायपुर और बिलासपुर से पहले प्रदेश के राजनांदगांव में रेलगाड़ी का आना हुआ।वही बिलासपुर और रायपुर रेलवे अस्तित्व में तब आये जब 1887 को “नागपुर छत्तीसगढ़ रेलवे” का अधिग्रहण “बंगाल नागपुर रेलवे” द्वारा किया गया।