
रिकॉर्डिंग के दौरान लता मंगेशकर और संगीतकार कल्याण सेन।
ताबीर हुसैन @ रायपुर. लताजी अमर हो गईं उनके साथ हजारों गीत भी कालजयी हो गए। इनमें एक छत्तीसगढ़ी गीत भी शामिल है। छूट जाही अंगना दुवारी...। लताजी ने इस गीत को करीब 17 साल पहले गाया था। गीतकार थे मदन शर्मा और संगीतकार कल्याण सेन। कल्याण दा चाहते थे कि इस गाने को लताजी ही गाएं। उस वक्त लताजी ने गाना कम कर दिया था। छालीवुड के संगीतकार और गायक सुनील सोनी भी उस महान दिन के साक्षी बने जब यह गीत रिकॉर्ड किया गया। तारीख थी 22 फरवरी 2005. सुनील बताते हैं कि कल्याण दा जीवट व्यक्ति थे। कोई गुंजाइश नहीं थी कि लताजी उनका गाना गाएंगी। लेकिन वे हिम्मत नहीं हारे। उषा मंगेशकर से कई बार निवेदन किया। उषाजी ने भी लता जी को मनाने में कोई कमी नहीं की। अंतत: एक दिन उन्होंने हां कह दिया।
और बदल गए प्रोड्यूसर
सुनील ने बताया, फिल्म भकला में मैंने 2 गीत गाए थे। जब रिकॉर्डिंग की तारीख फिक्स हुई प्रोड्यूसर रायसिंग डिकोला ने कहा कि तुम भी साथ चलो। लेकिन मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि लताजी ने हामी दे दी है। मैं बिना रिजर्वेशन के मुंबई पहुंचा। कल्याण दा के जरिए मैं लताजी से मिला और आशीर्वाद लिया। दिलचस्प बात ये भी है कि इस गीत की रिकॉर्डिंग तक फिल्म के प्रोड्युसर रायसिंग थे जबकि इसके बाद किसी वजह से उन्होंने फिल्म छोड़ दी और फिर दिनेश पटेल ने इसे पूरा किया। 4 साल पहले इस गीत को यूट्यूब चैनल पर डाला गया जिसे 19 मिलियन व्यू मिले।
गीत एक नजर में
टाइटल- छूट जाही अंगना दुवारी
गीतकार- मदन शर्मा
म्यूजिक- कल्याण सेन
डायरेक्टर- दिनेश पटेल
ड्यूरेशन- लगभग 6 मिनट
रिकॉर्डिंग- 22 फरवरी 2005
Published on:
07 Feb 2022 02:56 pm
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