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सरकारी अस्पताल में कई पदों पर निकली बंपर भर्ती, लाखों की मिल रही सैलरी, इतनी आसानी से करें अप्लाई…

Government Hospital Vacancy : नेहरू मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के खाली 89 पदों के लिए आयोजित वॉक इन इंटरव्यू में 41 डॉक्टर आए।

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पिपराली सीएचसी में सात रंगों की बैडशीट खरीदेंगे

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Vacancy in Government Hospital : नेहरू मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के खाली 89 पदों के लिए आयोजित वॉक इन इंटरव्यू में 41 डॉक्टर आए। इनमें ऑर्थोपीडिक व रेडियो डायग्नोसिस विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए दो डॉक्टर पात्र मिले। इनका चयन हो गया है, लेकिन नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया है। वहीं कार्डियोलॉजी, कार्डियक सर्जरी व मेडिकल अंकोलॉजी जैसे सुपर स्पेशलिटी विभाग के लिए कोई भी डॉक्टर नहीं आया। इन विभागों में डॉक्टर तो आते हैं, लेकिन कम वेतन का हवाला देकर नौकरी छोड़कर चले जाते हैं।


कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसरों के 59, सीनियर रेसीडेंट के 10, जूनियर रेसीडेंट के 5 पद व मेडिकल अफसरों के 15 पदों के लिए इंटरव्यू हुआ। असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए 35 व जेआर व एमओ के लिए 6 ही डॉक्टर पहुंचे। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद दो डॉक्टरों को इंटरव्यू के लिए पात्र पाया गया। दरअसल ज्यादातर डॉक्टर उस केटेगरी के थे, जिनका कोई पद खाली नहीं है। इसलिए उन्हें अपात्र कर दिया गया। शासन ने कॉलेज प्रबंधन को संविदा पदों की भर्ती में भी आरक्षण रोस्टर का पालन करने को कहा है।

पहले आरक्षित केटेगरी के पदों पर जनरल केटेगरी के डॉक्टरों की भर्ती कर ली जाती थी। इसमें काफी विवाद भी हुआ था। इसके बाद शासन ने आरक्षण रोस्टर का पालन करने को कहा था। खाली पदों को भरने के लिए तीन माह बाद इंटरव्यू हुआ। अक्टूबर से आचार संहिता लगने के कारण इंटरव्यू नहीं हो पाया था। यह इंटरव्यू हर माह पहले या दूसरे सप्ताह में आयोजित किया जाता है।

डॉक्टरों को एक समान वेतन
आंबेडकर अस्पताल में स्पेश्लिस्ट व सुपर स्पेशलिटी डॉक्टरों को एक समान वेतन दिया जा रहा है। असिस्टेंट प्रोफेसरों को 95 हजार, एसोसिएट को 1.55 लाख व प्रोफेसर को 1.90 लाख रुपए मासिक वेतन दिया जा रहा है। वहीं डीकेएस में असिस्टेंट प्रोफेसर को 1.15 लाख, एसोसिएट प्रोफेसरों को 2 लाख व प्रोफेसर को ढाई लाख रुपए वेतन दिया जा रहा है। हाल ही में मेडिलक अंकोलॉजिस्ट ने ज्वाइन करने के तत्काल बाद नौकरी छोड़ दी, क्योंकि उन्हें निजी कॉलेज से अच्छा आफर आ गया।

वहीं कार्डियोलॉजी व कार्डियक सर्जरी विभाग की एनेस्थेटिस्ट ने भी इस्तीफे का नोटिस दे दिया है। वे 17 जनवरी तक सेवाएं देंगी। इसके बाद एक निजी अस्पताल ज्वाइन कर लेंगी। उनके जाने के बाद ओपन हार्ट सर्जरी व कार्डियोलॉजी विभाग के बड़े प्रोसीजर नहीं हो पाएंगे। इसका नुकसान प्रदेश के मरीजों को होगा।