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नई तकनीक से गडलिंग किए गए वृक्षों को बचाने कवायद

जंगलों के भीतर अवैध कटाई करने के लिए पहले बड़े-बड़े वृक्षंो के नीचे छाल को निकालकर गडलिंग किया जाता है और जब यह पेड़ सूख जाता है तो इसे अवैध रूप से काटकर इसकी तस्करी की जाती है। पूरे प्रदेश में उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के अंदर पहली बार अब ऐसे गडलिंग किए गए क्षतिग्रस्त वृक्षों की तकनीकि सर्जरी कर उसे बचाने की मुहिम छेड़ा गया है।

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नई तकनीक से गडलिंग किए गए वृक्षों को बचाने कवायद

नई तकनीक से गडलिंग किए गए वृक्षों को बचाने कवायद

मैनपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र तौरेंगा और इंदागांव में वन विभाग के युवा अफसर वरुण जैन के नेतृत्व में पहली बार वनों को बचाने नई वैज्ञानिक तकनीक से क्षतिग्रस्त वृक्षों की सर्जरी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं व वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
ज्ञात हो कि जंगलों के भीतर अवैध कटाई करने के लिए पहले बड़े-बड़े वृक्षंो के नीचे छाल को निकालकर गडलिंग किया जाता है और जब यह पेड़ सूख जाता है तो इसे अवैध रूप से काटकर इसकी तस्करी की जाती है। पूरे प्रदेश में उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के अंदर पहली बार अब ऐसे गडलिंग किए गए क्षतिग्रस्त वृक्षों की तकनीकि सर्जरी कर उसे बचाने की मुहिम छेड़ा गया है। लगभग 100 से ज्यादा चोटिल वृक्षों की सर्जरी की गई।। इस दौरान उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन ने बताया गडलिंग किए गए वृक्षों को बचाने के लिए तकनीकि रूप से सर्जरी की जा रही है। जिससे इन वृक्षों को नया जीवन मिलेगा। जहां भी पूरे क्षेत्र में ऐसे वृक्ष हं,ै उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है।

रैली निकालकर लोगों को किया जागरूक
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के भीतर ग्राम झरियाबाहरा, तौरेंगा, शोभा, जुंगाड़, कोयबा, कांडसर में स्कूली बच्चों, ग्राम के सरपंच, पंचायत पदाधिकारी, नागरिको व वन विभाग के अमला द्वारा रैली निकाली गई। लोगों को पौधरोपण के प्रति जागरूक किया गया। मोटरसाइकिल रैली भी निकाली गई। स्कूली बच्चों के लिए चित्रकला, निबंध, क्वीज प्रतियोगिता के साथ कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्हें पुरस्कार वितरण किया गया। साथ ही सभी लोगों ने एक-एक वृक्ष लगाकर इसके सुरक्षा का संकल्प लिया। पूरे क्षेत्र में विश्व पर्यावरण दिवस पर दिनभर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
ग्राम मेंचका में रात्रि में वीडियो फिल्म के माध्यम से वन व वन्यप्राणियों की सुरक्षा के संबंध में ग्रामीणों को बताया गया। इस दौरान उपनिदेशक वरुण जैन ने कहा हमारे उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में राजकीय पशु वन भैंसा पाया जाता है, जो पूरे प्रदेश के साथ-साथ देश के लिए गौरव की बात है। यहां जंगल काफी घना है। इस जंगल की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। वन व वन्यप्राणी पर्यावरण के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इस दौरान पूर्व जनपद अध्यक्ष पुस्तम कपील ने भी वन व वन्य जीव की सुरक्षा के संबंध में ग्रामीणों को विस्तार से बताया और इसकी सुरक्षा के लिए संकल्प लिया गया।
इस मौके पर प्रमुख रूप से पूर्व जनपद अध्यक्ष पुस्तम कपील, जनपद सदस्य दीपक मंडावी, कोयबा सरपंच बेलमती मांझी, पूर्व सरपंच टीकम मांझी, भूंजिया अभिकरण के सदस्य टीकम नागवंशी, तुलाराम नागेश, अर्जन नेताम, हरीश मांझी एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी कुल्हाड़ीघाट अमरसिंह ठाकुर, वन परिक्षेत्र अधिकारी तौरेंगा भूखन लाल सोरी, वन परिक्षेत्र अधिकारी डी.के. सोनी, वन परिक्षेत्र अधिकारी इंद(०७- जी ५, ६)
नई तकनीक से गडलिंग किए गए वृक्षों को बचाने कवायद
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में विश्व पर्यावरण दिवस हुए विविध कार्यक्रम
वन व वन्य प्राणियों को बचाने गांव-गांव जनजागरुकता कार्यक्रम का आयोजन
मैनपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र तौरेंगा और इंदागांव में वन विभाग के युवा अफसर वरुण जैन के नेतृत्व में पहली बार वनों को बचाने नई वैज्ञानिक तकनीक से क्षतिग्रस्त वृक्षों की सर्जरी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं व वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
ज्ञात हो कि जंगलों के भीतर अवैध कटाई करने के लिए पहले बड़े-बड़े वृक्षंो के नीचे छाल को निकालकर गडलिंग किया जाता है और जब यह पेड़ सूख जाता है तो इसे अवैध रूप से काटकर इसकी तस्करी की जाती है। पूरे प्रदेश में उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के अंदर पहली बार अब ऐसे गडलिंग किए गए क्षतिग्रस्त वृक्षों की तकनीकि सर्जरी कर उसे बचाने की मुहिम छेड़ा गया है। लगभग 100 से ज्यादा चोटिल वृक्षों की सर्जरी की गई।। इस दौरान उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन ने बताया गडलिंग किए गए वृक्षों को बचाने के लिए तकनीकि रूप से सर्जरी की जा रही है। जिससे इन वृक्षों को नया जीवन मिलेगा। जहां भी पूरे क्षेत्र में ऐसे वृक्ष हं,ै उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है।

रैली निकालकर लोगों को किया जागरूक
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के भीतर ग्राम झरियाबाहरा, तौरेंगा, शोभा, जुंगाड़, कोयबा, कांडसर में स्कूली बच्चों, ग्राम के सरपंच, पंचायत पदाधिकारी, नागरिको व वन विभाग के अमला द्वारा रैली निकाली गई। लोगों को पौधरोपण के प्रति जागरूक किया गया। मोटरसाइकिल रैली भी निकाली गई। स्कूली बच्चों के लिए चित्रकला, निबंध, क्वीज प्रतियोगिता के साथ कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्हें पुरस्कार वितरण किया गया। साथ ही सभी लोगों ने एक-एक वृक्ष लगाकर इसके सुरक्षा का संकल्प लिया। पूरे क्षेत्र में विश्व पर्यावरण दिवस पर दिनभर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
ग्राम मेंचका में रात्रि में वीडियो फिल्म के माध्यम से वन व वन्यप्राणियों की सुरक्षा के संबंध में ग्रामीणों को बताया गया। इस दौरान उपनिदेशक वरुण जैन ने कहा हमारे उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में राजकीय पशु वन भैंसा पाया जाता है, जो पूरे प्रदेश के साथ-साथ देश के लिए गौरव की बात है। यहां जंगल काफी घना है। इस जंगल की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। वन व वन्यप्राणी पर्यावरण के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इस दौरान पूर्व जनपद अध्यक्ष पुस्तम कपील ने भी वन व वन्य जीव की सुरक्षा के संबंध में ग्रामीणों को विस्तार से बताया और इसकी सुरक्षा के लिए संकल्प लिया गया।
इस मौके पर प्रमुख रूप से पूर्व जनपद अध्यक्ष पुस्तम कपील, जनपद सदस्य दीपक मंडावी, कोयबा सरपंच बेलमती मांझी, पूर्व सरपंच टीकम मांझी, भूंजिया अभिकरण के सदस्य टीकम नागवंशी, तुलाराम नागेश, अर्जन नेताम, हरीश मांझी एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी कुल्हाड़ीघाट अमरसिंह ठाकुर, वन परिक्षेत्र अधिकारी तौरेंगा भूखन लाल सोरी, वन परिक्षेत्र अधिकारी डी.के. सोनी, वन परिक्ष्(०७- जी ५, ६)
नई तकनीक से गडलिंग किए गए वृक्षों को बचाने कवायद
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में विश्व पर्यावरण दिवस हुए विविध कार्यक्रम
वन व वन्य प्राणियों को बचाने गांव-गांव जनजागरुकता कार्यक्रम का आयोजन
मैनपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र तौरेंगा और इंदागांव में वन विभाग के युवा अफसर वरुण जैन के नेतृत्व में पहली बार वनों को बचाने नई वैज्ञानिक तकनीक से क्षतिग्रस्त वृक्षों की सर्जरी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं व वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
ज्ञात हो कि जंगलों के भीतर अवैध कटाई करने के लिए पहले बड़े-बड़े वृक्षंो के नीचे छाल को निकालकर गडलिंग किया जाता है और जब यह पेड़ सूख जाता है तो इसे अवैध रूप से काटकर इसकी तस्करी की जाती है। पूरे प्रदेश में उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के अंदर पहली बार अब ऐसे गडलिंग किए गए क्षतिग्रस्त वृक्षों की तकनीकि सर्जरी कर उसे बचाने की मुहिम छेड़ा गया है। लगभग 100 से ज्यादा चोटिल वृक्षों की सर्जरी की गई।। इस दौरान उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन ने बताया गडलिंग किए गए वृक्षों को बचाने के लिए तकनीकि रूप से सर्जरी की जा रही है। जिससे इन वृक्षों को नया जीवन मिलेगा। जहां भी पूरे क्षेत्र में ऐसे वृक्ष हं,ै उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है।

रैली निकालकर लोगों को किया जागरूक
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के भीतर ग्राम झरियाबाहरा, तौरेंगा, शोभा, जुंगाड़, कोयबा, कांडसर में स्कूली बच्चों, ग्राम के सरपंच, पंचायत पदाधिकारी, नागरिको व वन विभाग के अमला द्वारा रैली निकाली गई। लोगों को पौधरोपण के प्रति जागरूक किया गया। मोटरसाइकिल रैली भी निकाली गई। स्कूली बच्चों के लिए चित्रकला, निबंध, क्वीज प्रतियोगिता के साथ कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्हें पुरस्कार वितरण किया गया। साथ ही सभी लोगों ने एक-एक वृक्ष लगाकर इसके सुरक्षा का संकल्प लिया। पूरे क्षेत्र में विश्व पर्यावरण दिवस पर दिनभर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
ग्राम मेंचका में रात्रि में वीडियो फिल्म के माध्यम से वन व वन्यप्राणियों की सुरक्षा के संबंध में ग्रामीणों को बताया गया। इस दौरान उपनिदेशक वरुण जैन ने कहा हमारे उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में राजकीय पशु वन भैंसा पाया जाता है, जो पूरे प्रदेश के साथ-साथ देश के लिए गौरव की बात है। यहां जंगल काफी घना है। इस जंगल की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। वन व वन्यप्राणी पर्यावरण के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इस दौरान पूर्व जनपद अध्यक्ष पुस्तम कपील ने भी वन व वन्य जीव की सुरक्षा के संबंध में ग्रामीणों को विस्तार से बताया और इसकी सुरक्षा के लिए संकल्प लिया गया।
इस मौके पर प्रमुख रूप से पूर्व जनपद अध्यक्ष पुस्तम कपील, जनपद सदस्य दीपक मंडावी, कोयबा सरपंच बेलमती मांझी, पूर्व सरपंच टीकम मांझी, भूंजिया अभिकरण के सदस्य टीकम नागवंशी, तुलाराम नागेश, अर्जन नेताम, हरीश मांझी एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी कुल्हाड़ीघाट अमरसिंह ठाकुर, वन परिक्षेत्र अधिकारी तौरेंगा भूखन लाल सोरी, वन परिक्षेत्र अधिकारी डी.के. सोनी, वन परिक्षेत्र अधिकारी इंदागांव चन्द्रबली ध्रुव, अशोक ठाकुर, परमेश्वर डड़सेना, नितेश सारथी, दानेश्वर ठाकुर, टिकेश्वर यदु, टंकेश्वर देवांगन, गंगाराम ठाकुर, जतिराम कंवर, दानवीर चिंडा, रोहित निषाद, रमशीला ध्रुव आदि उपस्थित थे। ोत्र अधिकारी इंदागांव चन्द्रबली ध्रुव, अशोक ठाकुर, परमेश्वर डड़सेना, नितेश सारथी, दानेश्वर ठाकुर, टिकेश्वर यदु, टंकेश्वर देवांगन, गंगाराम ठाकुर, जतिराम कंवर, दानवीर चिंडा, रोहित निषाद, रमशीला ध्रुव आदि उपस्थित थे। ागांव चन्द्रबली ध्रुव, अशोक ठाकुर, परमेश्वर डड़सेना, नितेश सारथी, दानेश्वर ठाकुर, टिकेश्वर यदु, टंकेश्वर देवांगन, गंगाराम ठाकुर, जतिराम कंवर, दानवीर चिंडा, रोहित निषाद, रमशीला ध्रुव आदि उपस्थित थे।