ताबीर हुसैन @ रायपुर. जिमिंग को लेकर गर्ल्स और वुमेंस में काफी क्रेज देखा जा रहा है। यही वजह है कि राजधानी में गर्ल्स के लिए अलग से जिम खुल रहे हैं वहीं, फीमेल ट्रेनर्स की डिमांड भी बढ़ रही है। हमने कुछ जिम लवर्स गर्ल्स से बात की। उनका कहना है कि फिटनेस के लिए पसीना तो बहाना ही पड़ेगा। अगर हम एक दिन भी जिम न जा पाएं तो अधूरा सा लगता है। जिमिंग हमारी रुटीन का हिस्सा बन चुका है। शुरू-शुरू में थोड़ी दिक्कत जरूर हुई लेकिन बाद में सब नॉर्मल हो गया।
ऑपरेटर बनने गईं थीं, बन गईं ट्रेनर
26 साल की नेहा बघेल की बॉडी एक रबर जैसी है। वे पांच साल से जिम ट्रेनर हैं। ट्रेनर बनने की कहानी बड़ी दिलचस्प है। वे बताती हैं, मैंने जिम में कम्प्यूटर ऑपरेटर के लिए अप्लाई किया था। वहां के ऑनर ने मेरी फिटनेस देखकर ट्रेनर की पोस्ट ऑफर कर दी। मैं स्कूल टाइम से ही हर तरह के गेम्स में रुचि लेती थी। मैंने पावरलिफ्टिंग कॉम्पीटिशन में भी पार्टिसिपेट किया है। सीजी की स्ट्रॉन्ग वुमेन का खिताब भी मिल चुका है। मैंने जिमिंग और योगा दोनो में सर्टिफाइड कोर्स किया फिर ट्रेनर की जिम्मेदारी संभालने लगी। मेरी फ्लेक्सिबिलिटी और स्ट्रेेंथ काफी अच्छी है। यही वजह है कि मैं सुबह छह से दोपहर 12 और शाम 4 से रात नौ बजे तक ट्रेनिंग दे पाती हूं। नेहा ने बताया, महिलाओं में सब्र की कमी होती है। वे आते ही वजन कम करना चाहती हैं, जबकि यह टाइम टेकिंग प्रोसेस है। एक बार बॉडी सही बन जाती है तो उसे मेंटेंन भी रखना पड़ता है।
जिम और स्पोट्र्स मेरा पैशन
लॉ की स्टूडेंट कंचन शुक्ला ने 2019 से जिम ज्वाइन किया है। वे रोजाना पौन से एक घंटे तक जिमिंग करती हैं। वे बताती हैं, जिम और स्पोट्र्स मेरा पैशन है। इनके बिना मैं रह नहीं सकती। जिमिंग से बॉडी हल्की महसूस होती है ब्रेन भी क्रिएटिव रहता है।
हैल्दी और फिट रखता है जिमिंग
दो बच्चों की मां अर्शी सादत बिजनेस वुमेन हैं। फिटनेस और मॉडलिंग उनका पैशन है। वे बताती हैं, हमेशा हैल्दी और फिट रहने के लिए जिमिंग बेस्ट है। मैं बीते छह साल से जिम कर रही हूंं।
स्ट्रेस भी दूर होता है
रीमा शुक्ला नगर निगम में सेंट्रल गर्वनमेंट प्रोजेक्ट में मैनेजर हैं। वे बताती हैं, मैं तीन साल से रोजाना डेढ़ घंटे जिमिंग कर रही हूं। मेरा पैशन लाइफ की हर जरूरत और काम को अपना हंड्रेड परसेंट देना है। जिमिंग से हम एनर्जेटिक तो रहते ही हैं यह स्ट्रेस को भी दूर रखता है। वैसे हम कामकाजी महिलाओं को वर्कआउट करना ही चाहिए।