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Monsoon Update: छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री कब? मौसम विभाग ने जारी किया बारिश का नया अनुमान

Monsoon Update: छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन को लेकर बड़ा अपडेट आया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अभी लोकल इफेक्ट से बारिश नहीं हो है, जिसके चलते सिस्टम एक्टिव नहीं हुआ है..

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Chhattisgarh Monsoon Update

छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग ने जारी किया बारिश का नया अनुमान ( Photo - Patrika)

Chhattisgarh Monsoon Update: प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोग बेहाल है। हालांकि अब आंधी तूफान के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया है। ऐसे में अब मानसून के नजदीक आने की संभावना बढ़ गई है। मौसम विभाग की ओर से जारी नया अनुमान के अनुसार अगले एक दो दिनों में मानसूनी बारिश के संकेत है। दूसरी ओर प्रदेश में अब लोकल इफेक्ट से होने वाली बारिश अब थम गया है।

Monsoon Update: भीषण गर्मी का कहर जारी

प्रदेश में इस वर्ष मौसम के बदलते स्वरूप ने विशेषज्ञों और आम जनता, दोनों को ही चिंता में डाल दिया है। राज्य में एक ओर भीषण गर्मी और लू का कहर है, तो दूसरी ओर मानसून की दस्तक के साथ वर्षा की बदलती प्रकृति पर गंभीर चर्चाएं हो रही हैं। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में अब पहले की तरह लोकल इफेक्ट से होने वाली बारिश नदारद हो गई है।

अगले एक दो दिनों में दस्तक दे सकता है मानसून

अभी जो बारिश हो रही है, वह स्थानीय कारणों से नहीं, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ और ओडिशा होते हुए तटीय आंध्रप्रदेश तक बनी 'द्रोणिका' और ऊपरी हवा के चक्रवात जैसे बड़े मौसमी तंत्रों के कारण है। मानसून के अगले दो-तीन दिनों में प्रदेश में दस्तक देने की संभावना है, जिससे राहत की उम्मीद है। अनुमान लगाया जा रहा है कि 12 जून तक मानसून छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर जाएगा।

13 जून तक आंधी-बारिश की चेतावनी

बीती रात हुई जोरदार बारिश के चलते सुबह मौसम सुहावना हो गया। ठंडी हवाओं ने लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी। वहीं 10 बजे के बाद सूरज के तेवर तीखे हो गए। दिनभर बदली के चलते उमस रही। इधर मौसम विभाग ने 13 जून तक आंधी बारिश की चेतावनी जारी है। देर रात गरज-चमक के साथ बारिश के आसार है।

टॉपिक एक्सपर्ट

रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर जनरल एमएल साहू ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि पहले लोकल इफेक्ट से दोपहर बाद अच्छी बारिश हो जाती थी। इससे कुछ देर के लिए भीषण गर्मी से राहत मिल जाती थी। धरती ठंडी हो जाती थी, हालांकि उमस बढ़ जाती थी। फिर भी ये बारिश फायदेमंद होता था। प्रदूषण के कारण लोकल इफेक्ट वाली बारिश नहीं हो रही है, जाे चिंता का कारण है। इन दिनों हो रही बारिश सिस्टम के कारण हो रही है।