
ढाबे में खाना खाते वक्त कार अनलॉक होने का मैसेज आया, कार के पास पहुंचा तो होश उड़े
ढाबे में खाना खाते वक्त कार अनलॉक होने का मैसेज आया, कार के पास पहुंचा तो होश उड़े, जी हां, घटना रायपुर के सिविल लाइन इलाके के महासमुंद के पास की है। खरीदारी करने आए एक कारोबारी से उठाईगिरी हो गई। इसकी शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक भावेश चांडक अपनी कार सीजी 04 एनटी 9993 से महासमुंद से रायपुर पहुंचा। डूमरतराई थोक बाजार में खरीदारी के बाद नेशनल हाइवे के ढाबे में खाना खा रहे थे। इस दौरान उनकी कार अनलॉक होने का मोबाइल में मैसेज आया। इसके बाद वह कार के पास पहुंचा, तो उसमें रखा बैग नहीं था। बैग में 6 लाख रुपए रखे थे। इसकी शिकायत उन्होंने सिविल लाइन थाने में की। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। मामला संदेहास्पद होने के कारण पुलिस जांच कर रही है।
मुजगहन इलाके में एक निजी कंपनी का मेंबरशिप देने के नाम पर धोखाधड़ी की गई। इसकी शिकायत पर पुलिस ने दो युवतियों सहित चार लोगों को हिरासत में लिया है। उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक बोरियाकला में रिल इंडिया मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड-वेलकोनिक प्राइवेट लिमिटेड के नाम ऑफिस संचालित किया जा रहा था। इसका ब्रांच मैनेजर गुरुचरण साहू व अन्य अपनी कंपनी में रजिस्ट्रेशन कराने के बाद युवक-युवतियों को भारी मुनाफा होने का दावा करते थे। इसी झांसे में आकर जागेश्वरी यादव ने भी कंपनी में अपना रजिस्ट्रेशन कराया। इसके एवज में उनसे 46 हजार 500 रुपए जमा कराए गए। इसके बाद उन्हें हर माह 16000 से 20 हजार रुपए मुनाफा, आवास और खाने-पीने का खर्च देने का आश्वासन दिया गया। जागेश्वरी के अलावा उसकी सहेली शिखा साहू ने भी 46 हजार 500 रुपए जमा किए। इसके बाद दोनों को न तो वेतन दिया गया और न ही सुविधाएं दी गई। इसकी शिकायत पर पुलिस ने गुरुचरण साहू, पुनीत प्रजापति के अलावा निर्मला ठाकुर ऊर्फ निर्मला सामंत और शिवानी ठाकुर उर्फ शिवानी बोहरा के खिलाफ धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया है।
शराब घोटाले में जेल भेजे गए चैतन्य बघेल और कोयला में जयचंद कोसले की जमानत को कोर्ट ने खारिज कर दिया। दोनों ही जमानत आवेदन पर ईओडब्ल्यू के विशेष न्यायाधीश ने बुधवार को फैसला सुनाया। बचाव पक्ष ने अपनी दलील पेश करते हुए कहा कि शराब घोटाला में फरार आरोपी लक्ष्मीनारायण उर्फ पप्पू बंसल के बयान के आधार पर चैतन्य को गिरफ्तार किया गया है। बिना किसी पुख्ता साक्ष्य के एक आरोपी के बयान के आधार पर उनके पक्षकार के खिलाफ अपराध नहीं बनता है। इस प्रकरण में 29 लोगों को बिना गिरफ्तार किए चालान पेश किया गया है। वहीं, 10 लोगों को जमानत पर रिहा किया जा चुका है। इसे देखते हुए चैतन्य को जमानत दिए जान का अनुरोध किया। अभियोजन पक्ष के विशेष लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि चैतन्य बघेल को शराब घोटाले से 1000 करोड़ रुपए मिले हैं। इसमें से 800 करोड़ रुपए हैंडलिंग करते हुए फरार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को दिया गया। जांच के दौरान इसके डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।
Updated on:
09 Oct 2025 12:26 am
Published on:
09 Oct 2025 12:26 am
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