
रायपुर में आयोजित ज्योतिष सम्मेलन में नीरू नागी, नेहा पोद्दार और पूजा शर्मा।
ताबीर हुसैन @ रायपुर.वीआईपी रोड स्थित निरंजन धर्मशाला भविष्यवाणियों से गूंज रहा था। यहां नामचीन एस्ट्रोलॉजिस्ट एकजुट हुए थे। हर किसी की अपनी स्टाइल थी। कोई लंबे बाल तो कोई साधू के भेष में। हर किसी का अंदाज निराला था। सभी पहुंचे हुए पीर मालूम पड़ रहे थे। ज्ञान की बरसात मानो इंद्रदेव ने यहां कर रखी हो। सभी अपने तरकश से भविष्य के तीर निकाल रहे थे। इसी दौरान हमने कुछ महिला भविष्यवक्ताओं से मुलाकात की। वे एस्ट्रोलॉजी कम मॉडल ज्यादा नजर आ रही थीं। उनकी बॉडी लैंग्वेज देख कोई भी कह दे कि ये फैशन की दुनिया में की सितारा हैं। हमने उनसे पूछा भी कि आखिर आपने एस्ट्रोलॉजी क्यों चुना? आप चाहती तो फैशन और लाइफस्टाइल या एक्टिंग की फील्ड में भी जा सकती थीं। लेकिन इन महिलाओं ने पूरे कॉन्फिडेंस के साथ कहा कि हम इसी क्षेत्र के लिए बनी हैं।
टीनेज से स्प्रीचुएलिटी में यकीन था
मुंबई से आईं एस्ट्रोलॉजिस्ट नीरू नागी टैरो रीडिंग करती हैं। वे कहती हैं, मैंने शुरू से अध्यात्म को चुना। पूर्व जन्म का रिश्ता था इसलिए टीनेज से स्प्रीचुएलिटी में यकीन रहा। मैंने एमबीए किया है। पेंटिंग भी करती हूं। हर इंसान का इंट्रेस्ट होता है वह किसमें जाना चाहता है। हमारे स्टार्स भी डिसाइड करते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि मॉडलिंग की बजाय लोगों को गाइड करने के लिए मेरा जन्म हुआ है। उन्होंने कहा कि टैरो भविष्य ही नहीं बताता बल्कि आपको गाइड भी करता है। यह जीपीआरएस की तरह काम करता है। जिस तरह एस्ट्रोलॉजी के कैल्कुलेशन और रूल्स पर काम करती है ठीक ऐसे ही टैरो रीडिंग एनर्जी से काम करती है। आपकी और टैरो लेने वाली की एनर्जी पॉजिटिव होनी चाहिए जितना आप ट्रस्ट करेंगे उतना ही रिजल्ट अच्छा आएगा।
ग्लैमर बिकता है, हमारे काम में ग्लैमर के साथ नॉलेज भी
अमृतसर की नेहा पोद्दार टैरो कार्ड और वैदिक एस्ट्रोलॉजी में माहिर हैं। हमारा चेहरा परमात्मा की देन है। फील्ड भी ईश्वर तय करते हैं। कर्म क्षेत्र का रिश्ता ग्रह से तय होता है। दुनिया के मुताबिक ढलना पड़ता है। ग्लैमर बिकता है। हमारे काम में ग्लैमर के साथ नॉलेज भी है। लोगों को ज्ञान चाहिए। हमारे पास कोई आएगा तो यह देखने नहीं आएगा कि यह सुंदर कितनी है वह पैसे इसलिए खर्च करने आया है कि इसका ज्ञान कितना है। वे कहती हैं कि मेरी लाइफ में क्यों का बड़ा महत्व रहा है। इसी क्यों के चलते मैं आज यहां तक पहुंची हूं। यह पढ़ाई कभी खत्म नहीं होनी है। आप जिंदगीभर सीखते हैं। पानी के दुरुपयोग से चंद्रमा अशांत रहता है। पानी वेस्ट करने से मन में कन्फ्ूजन बना रहता है। मून को ठीक करने के लिए जरूरत से ज्यादा पानी का इस्तेमाल न करें। पानी वेस्ट करते हैं उनका चंद्रमा ठीक नहीं। मन में कन्फ्यूजन रहता है अच्छे जीवन के लिए सूरज को पानी दें। नैचुरल रेज लें। बच्चों को सेंसटिव न रखें। उन्हें बाहरी तत्व मिलने चाहिए।
सुप्रीमेसी ने मेरे लिए यही फील्ड चुन रखा था
जयपुर की डॉ पूजा शर्मा ने फिलॉसफी में पीएचडी किया है लेकिन प्रैक्टिस ज्योतिष में कर रही हैं। पूर्वज भी ज्योतिषी रहे हैं। पूर्व जन्म और पूर्व कर्म की थ्योरी में टिका हुआ है, हमारा यह मानना है कि 70 प्रतिशत चीजें हमारी प्रीडिटर्माइंड हैं। वैदिक ज्योतिषी यह मानती है कि प्रीफिक्स पूर्व जन्म से और वर्तमान संस्कार जो हमारे साथ चलते हैं। सुप्रीमेसी ने मेरे लिए यही फील्ड चुन रखा था इसलिए फैशन या अन्य किसी क्षेत्र में मैं नहीं गई। वे कहती हैं जब मैंने श्री विद्या में दीक्षा ली तो साधना करते वक्त भगवती ने यह क्षेत्र मेरे लिए चुना। ज्योतिष में वैदिक एस्ट्रोलॉजी को मैं फॉलो करती हूं। कुंडली से देखकर जातक के विषय में बताती हूं। 24 जनवरी को शनि धनु से मकर में आएगा। कोई व्यक्ति आपके घर में आने वाला है। वो आता बाद में है लेकिन आने की चर्चा होने लगती है।जानिए इन सुंदरियों ने मॉडलिंग की बजाय एस्ट्रोलॉजी पर क्यों बनाया कॅरियर शनि भी आने से 6 महीने पहले अपना प्रभाव दिखाने लगता है। शनि अपने स्वराशि में आ रहा है। चूंकि शनि कानून का देवता है तो, पूरे ब्रह्माण में ज्यूडशली सिस्टम शनि के पास है। इसलिए उसने आने से पहले कानून के क्षेत्र में हलचल पैदा कर दी। बड़े-बड़े कानून में अनुसंधान और परिवर्तन हो रहे हैं। अंतत: आगे चलकर कानून में बदलाव होंगे, जिससे कानून व्यवस्था मजबूत होगी।
Published on:
08 Jan 2020 04:47 pm
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