
बिना लाइसेंस चल रहे टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर, जहां काम न होने पर मिल रही मनी बैक की गारंटी
आवेश तिवारी@रायपुर. छत्तीसगढ़ में अनेक निजी क्लीनिकों में इएमआइ पर बच्चे पैदा कराने की सुविधा दी जा रही है। शहर की सडक़ों पर ऐसे बोर्ड आम हो गए हैं, जिन पर बिना किसी ब्याज के आसान किस्तों में टेस्ट ट्यूब बेबी पैदा कराने के ऑफर दिए जा रहे हैं। साथ ही, काम न होने पर मनी बैक की गारंटी भी दी जा रही है।
छत्तीसगढ़ में सरोगेसी और टेस्ट ट्यूब बेबी के लिए आने वालों की संख्या दिनोदिन बढ़ती जा रही है। छत्तीसगढ़ हाल के वर्षों में देश में मेडिकल टूरिज्म का एक बड़ा केंद्र बन गया है। रायपुर में टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर्स पर हर महीने 100 से ज्यादा गर्भाधान कराए जा रहे हैं। बता दें कि राजधानी रायपुर में एक दर्जन से ज्यादा आइवीएफ क्लीनिक हैं, जहां टेस्ट ट्यूब बेबी के लिए डेढ़ लाख से लेकर पांच लाख रुपए तक के पैकेज उपलब्ध हैं।
तीन गुना बढ़ी तादाद : रायपुर में क्लीनिक चलाने वाली डॉ. अनिता बताती हैं कि इएमआइ की सुविधा दिए जाने के बाद से ही नि:संतान दम्पती हमारे क्लीनिक में ज्यादा आ रहे हैं। पिछले दो वर्षों में ऐसे दम्पतियों की संख्या लगभग तीन गुना हुई है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड और बिहार से बड़ी संख्या में दम्पती आकर लाभ उठा रहे हैं। टेस्ट ट्यूब बेबी की पहुंच पहले मध्यम वर्ग तक ही थी, लेकिन अब निम्न मध्यम वर्ग भी क्लीनिक पहुंच रहा है।
नाम न छापने की शर्त पर एक चिकित्सक कहते हैं कि इएमआइ की बात से परे एक तथ्य यह है कि समूचे छत्तीसगढ़ में तकरीबन एक दर्जन ऐसे क्लीनिक भी हैं, जिन्हें टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर का लाइसेंस प्राप्त नहीं है। निजी क्लीनिक महंगे दामों में स्पर्म डोनेशन और स्पर्म फ्रीजिंग की सुविधा भी दे रहे हैं।
ठंडे बस्ते में सरकारी प्रस्ताव : छत्तीसगढ़ में किसी सरकारी अस्पताल में टेस्ट ट्यूब बेबी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। रायपुर के आम्बेडकर अस्पताल में 2013 में टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर के लिए कार्ययोजना तैयार की गई थी, लेकिन इसको अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। सरकारी कार्ययोजना में केवल 20 हजार रुपए में बच्चे पैदा कराने का प्रस्ताव था।
रायपुर के एक ख्यातिप्राप्त टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर की संचालक डॉ. नलिनी बताती हैं कि हमारे यहां संतानोत्पत्ति के लिए आने वाले दम्पतियों की पहले जांच की जाती है। उसके बाद हम तय करते हैं, उन्हें किस किस्म का पैकेज दिया जाए। अगर वो उसका भुगतान किस्तों में करना चाहते हैं, तो यह सुविधा भी हमारे यहां उपलब्ध है। एक टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर चलाने वालों का कहना है कि हमने पैकेज ऐसा बनाया है कि जब तक गर्भाधान की प्रक्रिया चलती है, आमतौर पर जिसमें तीन-चार महीने लगते हैं, तब तक के लिए जो खर्च आता है, उसकी किस्तें बना दी जाती हैं। वहीं कुछ क्लीनिक ऐसे हैं, जो पूरे नौ महीने तक की किस्त बांध देते हैं। कई क्लीनिकों ने यह भी ऑफर दे रखा है कि अगर किसी कारणवश स्त्री गर्भवती नहीं हुई या बच्चा नहीं हुआ, तो पूरा पैसा वापस कर दिया जाएगा।
Updated on:
29 Jul 2018 01:09 pm
Published on:
29 Jul 2018 09:30 am
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