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ट्रेनों में आधी सीटें खाली, फिर भी महिलाओं को ऊपर की बर्थ, रेलवे के रवैए से यात्री हो रहे हलाकान

रेलवे के रिजर्वेशन टिकट जारी करने के दो अलग-अलग तरीकों से यात्री हैरान हैं

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ट्रेनों में आधी सीटें खाली, फिर भी महिलाओं को ऊपर की बर्थ, रेलवे के रवैए से यात्री हो रहे हलाकान

रायपुर . रेलवे के रिजर्वेशन टिकट जारी करने के दो अलग-अलग तरीकों से यात्री हैरान हैं। एक तरफ भारतीय रेलवे के रिजर्वेशन काउंटर से टिकट लेने पर बर्थ खाली होने की स्थिति में जहां आसानी से महिला और बुजुर्ग यात्रियों को लोअर बर्थ मुहैया करा दिया जाता है। वहीं, आइआरसीटीसी के सिस्टम में सुधार करने में रेलवे बोर्ड दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।

रेल मंत्रालय भले ही सुरक्षा और सुविधाओं का दावा करता है, लेकिन हकीकत यह है कि यदि किसी गाड़ी के कोच में 30 से 40 बर्थ खाली होने की स्थिति में भी इ-टिकट सिस्टम में किसी महिला यात्री के लोअर बर्थ की मांग पर भी अपर बर्थ बुक कर दिया जाता है। रेलवे के इस रवैए से महिला यात्री हलाकान हैं।

काउंटर रिजर्वेशन टिकट और इ-टिकट सिस्टम के दोहरे रवैए के कारण ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधाओं पर सवाल उठ रहा है। बुकिंग सिस्टम में पूरी जानकारी भरने के बाद भी आइआरसीटीसी मनमाने तरीके से ही बर्थ का एलाटमेंट करने का सिस्टम अख्तियार कर रखा है। इस तरह की शिकायतें रेलवे के अफसरों तक पहुंचने के बाद भी उसका निराकरण करने के बजाय यह कहकर हाथ खड़ा कर देते हैं कि यह तो आइआरसीटीसी का मामला है। उसमें स्थानीय अधिकारी कुछ भी नहीं कर सकते हैं। इससे इ-टिकट पर सफर करने वाली महिला यात्रियों को खासी परेशानी का सामना सफर के दौरान करना पड़ता है।

सुरक्षा और सुविधा बढ़ाने के दावे के बीच आइआरसीटीसी के इ-टिकट सिस्टम के कारण महिला यात्रियों की सुविधाओं को दरकिनार कर दिया गया है। एेसी स्थिति में सफर के दौरान जो महिला यात्री अपर बर्थ की सीढि़़यां नहीं चढ़ पाती हैं, उन्हें दूसरे यात्रियों से बर्थ बदलने के लिए मिन्नतें करनी पड़ती है। इस तरह की समस्याओं से रेलवे के आइआरसीटीसी से जुटे अफसरों को कोई लेना-देना नहीं है। बल्कि मनमानी तरीके से अपर बर्थ एलाट कर दिए जाते हैं।

हर दिन किसी न किसी महिला यात्रियों को सफर के दौरान बर्थ की समस्या से जूझना पड़ता है। सारनाथ एक्सप्रेस में इ-टिकट लेने वाली सुनीता प्रजापति और रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस की महिला यात्री राजकुमारी ने बताया कि इ-टिकट जारी करने से पहले रेलवे की साइड में 30 से 40 बर्थ खाली बताया जा रहा था। जब टिकट बुक किए तो अपर बर्थ दे दी गई, जबकि लोअर बर्थ का ऑप्शन भरा था। इसकी शिकायत ट्रेन के टीटीइ के पास दर्ज कराई है।

प्रस्ताव ऊपर स्तर पर भेजा जाएगा।