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रायपुर की सावेरी बॉलीवुड म्यूजिक डायरेक्टर प्रीतम के साथ लिख रहीं स्क्रैचेस

गले के ऑपरेशन के बाद भी जब गा नहीं पाई तो लिखने लगी गीत , छतरीवाली और दिल है ग्रे के लिए लिखे गाने

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रायपुर की सावेरी प्रीतम के साथ लिख रहीं स्क्रैचेस

सावेरी ने भूल भुुलैया-2 के एक्सटेंडेट प्ले (ईपी ) के लिए मेरे ढोलना गाया

ताबीर हुसैन @ रायपुर.सिटी की कई प्रतिभाएं बॉलीवुड में नाम कमा रही हैं। इनमें से एक हैं सावेरी वर्मा। उनकी स्कूलिंग और कॉलेज रायपुर से किया। शादी के बाद मुुंबई शिफ्ट हो गईं। गायन बचपन से कर रही थी। पं. गुणवंत व्यास से संगीत सीखा। गले में प्रॉब्लम आई। ऑपरेशन कराया लेकिन गा नहीं पाईं। दोस्तों के कहने पर गाने लिखना शुरू किया। हाल ही में भूल भुुलैया-2 के एक्सटेंडेट प्ले (ईपी ) के लिए मेरे ढोलना गाया जिसे काफी पसंद किया गया। सूजी गणेशन निर्देशित दिल है ग्रे। रॉनी स्कू्रवाला निर्मित छतरीवाली के लिए उन्होंने एक-एक गाना लिखा है। जो इस साल रिलीज होना है।

प्लान बी नहीं था, दोस्तों ने बढ़ाया मनोबल

गले के ऑपरेशन के बाद दो साल तक यूं ही टाइम बिता दिया क्योंकि मैं गा नहीं पाई। मेरे पास प्लान बी भी नहीं था। चूंकि मैंने शुरुआती तौर पर एक एल्बम किया था जिसके गाने भी मैंने लिखे थे। दोस्तों ने उस बात को याद दिलाते हुए मुझे लिखने के लिए प्रेरित किया। इस तरह एक दरवाजा बंद हुआ तो दूसरा खुला। मैंने कुछ फिल्मों के लिए गाने लिखे हैं लेकिन वे फिल्में बड़े स्केल पर नहीं आईं है। इनमें से 2012 में म्योहो, 2015 में स्रेड्रिक और 2019 में गन पे डन के लिए मैंने गाने लिखे। मेरे दोस्तों ने यह विश्वास जताया कि तुम लिख लोगी फिर मैंने उनके लिए लिखना शुरू किया। धीरे-धीरे कॉन्फिडेंस बढऩे लगा और मेरा लिखा एक्सपेस्ट किया जाने लगा। तब मुझे लगा कि मैं लिख सकती हूं मेेरे एक मित्र है रंजन शांडिल्य। वे 2012 में म्योहो डायरेक्ट कर रहे थे। उन्होंने भी मुझमे विश्वास जताया और लिरिक्स के लिए ऑफर किया। इसमें मेरे दो गाने थे।

भूल भुलैया टू के लिए ऐसे मिला मौका

मेरा काम इंडस्ट्री में जानने लगे थे। आदित्य पुष्करणा ने प्रीतम दा को रिक्मेंट किया। वहां से फोन आया। 2020 से मैंने प्रीतम दा के लिए स्क्रैचेस लिखना शुरू किया । स्क्रैचेस मतलब ट्रायल के लिए गाने बनाए जाते हैं। इनिशियल गाने सुनाने के लिए जो लिरिक्स लिखने लगी। वे तारीफ करते तो मोटिवेशन मिलता था। एक दिन अचानक फोन आया कि भूल भुलैया 2 के लिए मेरे ढोलना का रिक्रिएशन करना है। इसे गाने के लिए दो-तीन लोगों को भेजा गया था और कहा गया था जिसका अच्छा लगेगा उसे लेंगे। मेरा वर्जन अप्रूव हुआ। मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता कि गाना फिल्म में नहीं है, मैं इसका हिस्सा बनी वही बड़ी बात है।

देश-विदेश में लाइव कंसर्ट, इला अरुण के साथ जुड़ीं रहीं

देश-विदेश में लाइव कंसर्ट कर चुकीं सावेरी को 1991 में लता मंगेशकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। दूरदर्शन और आकाशवाणी में अपनी आवाज का जादू जमा चुकी सावेरी सुरेश वाडकर के सानिध्य में थोड़े समय संगीत अभ्यास करने के बाद खुद के 3 म्यूजिक एल्बम रिलीज किए। कई सालों तक गायिका इला अरुण के साथ जुड़ी रहीं। गले की परेशानी ने उन्हें गीतकार बना दिया। सावेरी रायपुर के पैथॉलॉजिस्ट और गायक डॉक्टर चंद्रमोहन वर्मा की बेटी हैं।