
रविशंकर विश्वविद्यालय (photo Patrika)
Raipur News: पं रविशंकर विश्वविद्यालय को हाल ही में नैक की ए ग्रेडिंग मिली है, लेकिन यूनिवर्सिटी की मार्कशीट में पिछले एक साल से हृ्न्नष्ट की जगह हृ्नष्टष्ट प्रिंट हो रहा है। विश्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों की सत्र 2024-25 की अंकसूची में नैक की स्पेलिंग गलत प्रिंट की गई। चिंताजनक यह है कि इस गलती का पता विश्वविद्यालय को पूरे एक वर्ष बाद चला, जबकि छात्रों का भविष्य इसी दस्तावेज़ पर टिका होता है।
लगभग पांच हजार से अधिक मार्कशीट में गलती होने की जानकारी है, लेकिन इस संबंध में कोई एक आंकड़ा यूनिवर्सिटी की ओर से अब तक नहीं दिया गया है। त्रुटि सुधार की राशि विश्वविद्यालय द्वारा नहीं ली जा रही है।
रिजल्ट में हुए गड़बड़ी को लेकर छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया था। उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी के पास खुद की प्रिंटिंग प्रेस है, लेकिन यहां मार्कशीट प्रिंट नहीं होती। रिजल्ट भी एजेंसी के जरिए प्रिंट करवाई जाती है।
निशुल्क कर रहे सुधार: विश्वविद्यालय को इसकी जानकारी तो नहीं है कि कितने रिजल्ट में नैक की स्पेलिंग में गड़बड़ी हुई है, लेकिन उसमें सुधार किया जा रहा है। इसके लिए किसी भी छात्र-छात्राओं से कोई भी शुल्क नहीं लिया जा रहा है। जो रिजल्ट कॉलेजों में भेज दिए गए थे उन्हें भी वापस मंगवाया गया है। प्रिंटिंग को रोक दिया गया है। उसमें सुधार किया गया है। रिजल्ट को सुुधारने के बाद उसे छात्र-छात्राओं को वापस दिया जा रहा है।
प्रिंटिंग प्रेस की गलती के कारण स्पेलिंग में गलती हो गई थी। ये जानकारी चार माह पहले ही मिल गई थी। अभी प्रक्रिया चल ही रहा है। बाकि प्रिंटिंग की गलती कैसे हुई, इसके बारे में जानकारी नहीं है।
रिजल्ट में त्रुटि हुई है। इतनी बड़ी बात नहीं है। रिजल्ट एजेंसी द्वारा प्रिंट किए जाते हैं। गलती की जानकारी होते ही जो मार्कशीट वापस मंगा लिए गए थे और छपाई को भी रोक दिया गया। एजेंसी रिजल्ट में सुधार और नए रिजल्ट बनाने का काम निशुल्क कर रही है।
-नरेंद्र वर्मा, डिप्टी रजिस्ट्रार, परीक्षा रविवि
Updated on:
01 Oct 2025 12:03 pm
Published on:
01 Oct 2025 12:02 pm
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