
रायपुर. सालभर पहले माना बस्ती के पास तहसीलदार की सरकारी गाड़ी की टक्कर से युवक की मौत पर रायपुर पुलिस ने आज तक ड्राइवर को गिरफ्तार नहीं किया है। ड्राइवर की गिरफ्तारी और गाड़ी के जब्ती के बिना दिवंगत युवक के परिजन क्लेम केस फाइल नहीं कर पा रहे हैं।
ड्राइवर की गिरफ्तारी और गाड़ी के जब्ती होने पर बतौर वाहन स्वामी सम्बंधित जिला कलेक्टर को कोर्ट पेश होना पड़ेगा। वाहन जब्ती के लिए डीआईजी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर सम्बंधित कलेक्टर को पत्र भी भेज चुके हैं। इकलौते बेटे की मौत के बाद परिवार जन आज भी सदमे में हैं और न्याय के लिए भटक रहे हैं।
यह है मामला
राजधानी के इमाम नगर मठपुरैना के निवासी शिव कुमार सेन का इकलौता बेटा राहुल सेन (22) 15 दिसंबर 2019 को नायकबांधा अभनपुर पारिवारिक छठी कार्यक्रम में गया था। देर शाम वह अपने एक्टिवा में सवार होकर राजधानी के लिए लौटा। लौटते समय रात को करीब 9 बजे एनएच 30 रोड माना बस्ती एसीसी सीमेंट के पास रायपुर से धमतरी की ओर जा रहा वाहन महिंद्रा बोलेरो सीजी 02 एच 0333 ने राहुल को सामनेे से ठोकर मारी।
उक्त वाहन धमतरी जिले के मगरलोड के तहसीलदार की थी। घटना के समय तहसीलदार मौजूद था और वहां सरकारी ड्राइवर चला रहा था। आसपास के लोगों के दबाव में आकर तहसीलदार ने घायल अवस्था में राहुल सेन को एमएमआई अस्पताल रायपुर में भर्ती कराया। भर्ती कराने के बाद तहसीलदार और ड्राइवर अस्पताल से चुपके से निकल गए।
एक साल पहले मामला हो चुका दर्ज
पुलिस नेे माना कैंप थानेे में 16 दिसंबर 2019 को उक्त वाहन और वाहन चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया था। जिसका अपराध क्रमांक 365/ 2019 है। उक्त वाहन की जब्ती और ड्राइवर की गिरफ्तारी नहींं होने पर परिजनों ने अपने स्तर पर भी छानबीन की और मगरलोड के तहसील कार्यालय में खड़े क्षतिग्रस्त महिंद्रा बोलेरो सीजी 02 एच 0333 का वीडियो भी बनाया। इस संबंध में परिजनों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर को 17 जुलाई 2020 को एक ज्ञापन भी सौंपा चुके हैं।
इकलौते बेटे के बिना पहली दिवाली
राहुल अपने परिवार का इकलौता लड़का था। उसके पिता शिव कुमार सेन (55), मां अंजू सेन (46) और उसकी दोनों बहन नेहा सेन (26) व संध्या सेन (20) के जीवन में राहुल के बिना मायूसी छा गई है। इस वर्ष नेहा की शादी की तैयारी थी। बीए फाइनल तक पढ़ाई किये राहुल सैलून में कारीगरी कर परिवार के संचालन में आर्थिक सहयोग करता था। राहुल के बिना इस साल उनकी पहली दिवाली होगी। राहुल के परिवार में इस भीषण दुख के कारण हुई असामान्य दिनचर्या कब सामान्य होगी यह कह पाना मुश्किल है।
कलेक्टर को देना होगा कोर्ट में जवाब
फरियादी के अधिवक्ता कुणाल फरिकार औरं एनडी मानिकपुरी ने बताया कि दुर्घटना कार्य करने वाला वाहन तहसीलदार का है, इसलिए उक्त वाहन का वास्तविक स्वामी संबंधित जिला के कलेक्टर हैं। वाहन जब्त होने के बाद दुर्घटना दावा में वाहन स्वामी के रूप में कोर्ट से नोटिस सम्बन्धित कलेक्टर को ही जाएगा।
वाहन स्वामी के रूप में उन्हें कोर्ट में उपस्थित होकर जवाब देना पड़ेगा, शायद इसीलिए जानबूझकर लेटलतीफी की जा रही। हमारी मांग है कि उपरोक्त प्रकरण की गंभीरता को समझें उदारता और संवेदनशीलता दिखाते हुए पुलिस और जिला प्रशासन उक्त वाहन की जब्ती एवं चालक की तत्काल गिरफ्तारी करवाएं।
Published on:
09 Nov 2020 07:37 am
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