
सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी विज्ञापन।
रायपुर. रायपुर परिवहन विभाग में विभिन्न वर्गों का कौशल परीक्षण के लिए फर्जी विज्ञापन जारी किया गया था। इसे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के नाम पर 10 फरवरी को जारी किया गया था। इसमें बकायदा कौशल परीक्षण की तिथि और उसके बाद नियुक्ति आदेश जारी करना बताया गया था। साथ ही विभाग द्वारा अलग से 17 से 20 फरवरी तक कॉल लेटर भेजे जाने का उल्लेख भी किया गया था। इसमें बकायदा आदेश क्रमांक के साथ ही सरकारी सील और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर भी किए गए हैं। सोशल मीडिया पर इसके वायरल होते ही विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय स्तर पर जांच के आदेश दिए गए थे। इस दौरान पत्र के फर्जी होने की पुष्टि होते ही खमतराई थाने को शिकायती पत्र भेजा गया है। साथ ही पूरे मामले की जांच कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने कहा गया है।
ऐसे हुआ खुलासा
रायपुर आरटीओ दफ्तर में रोजाना दर्जनों युवक अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्र लेकर पहुंच रहे थे। साथ ही कौशल परीक्षण के संबंध में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से जानकारी मांगी जा रही थी। लेकिन, उन्हें खुद ही समझ नहीं आ रहा था। बताया जाता है कि लगातार भीड़ बढऩे के बाद विभागीय अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी पत्र को दिखाया। इसमें पहली सूची में शामिल किए गए लोगों का कौशल परीक्षण 5 से 23 मार्च और दूसरी सूची में 5 जुलाई से 23 जुलाई 2020 तक पूरा करने का ब्यौरा दिया हुआ था। वहीं कौशल परीक्षण के बाद तुरंत नियुक्ति पत्र जारी करना बताया गया है।
सहायक परिवहन आयुक्त सैलाभ साहू ने बताया कि सोशल मीडिया पर परिवहन विभाग का फर्जी पत्र जारी किया गया था। इसमें सभी वर्गों का कौशल परीक्षण के तुरंत बाद नियुक्ति पत्र भी जारी करने का उल्लेख किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए खमतराई थाना में शिकायती पत्र भेजा गया है।
Published on:
23 Feb 2020 01:46 am
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
