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शहर में जगह-जगह गूंजे माता के जयकारे, मना नववर्ष

रायसेन. देवीय उपासना का पर्व चैत्र नवरात्रि एवं हिन्दू नव वर्ष २०७५ की शुरुआत रविवार से हुई।

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रायसेन. देवीय उपासना का पर्व चैत्र नवरात्रि एवं हिन्दू नव वर्ष 2075 की शुरुआत रविवार से हुई। इस अवसर पर सुबह से लेकर देर शाम तक पूरे नगर में धार्मिक भजनों की स्वर लहरियां गुंजायमान होती रहीं। वहीं पूरे शहर में जगह-जगह भगवा ध्वज नजर आए। इस बार चैत्र नवरात्रि पर्व आठ दिनों का है। इस अवसर पर देवी भक्तों द्वारा रविवार से आठ दिनों तक उपवास रखने और कठिन साधना करने का सिलसिला प्रारंभ हुआ। रविवार को प्रात:काल से देवी मंदिरों में जल चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।

इसके साथ ही शुभ मुहूर्त में देवी मंदिरों और घरों में घट स्थापना कर अखंड ज्योति प्रज्जवलित की गई और ज्वारे बोए गए। यही नहीं कई लोगों ने अपने घरों पर गुड़ी और बंधनवार बांधकर उनका पूजन किया और नीम की कौंपल पत्ती, मिश्री, गुड़ खाकर हिन्दू नव वर्ष गुड़ी पड़वा पर्व मनाया।

राम ने की थी साधना
धर्मशास्त्री पंडित ओमप्रकाश शुक्ला, पं.राममोहन चतुर्वेदी ने बताया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को भगवान ब्रम्हाजी ने सृष्टि की रचना कर उसका निर्माण किया था। सतयुग का आरंभ भी इसी दिन से हुआ था। इसी दौरान मर्यादा पुरूषोत्त्म भगवान श्रीरामचंद्र ने भी नौ दिनों तक मां भवानी की उपसना कर लंका पर विजय प्राप्त करने साधना की थी। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर ही महाराज चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने भी शंकों पर विजय हासिल कर नए विकम संवत हिन्दू संवत्सर की शुरूआत की थी।

चैत्र नवरात्रि पर्व में ज्योतिषीय और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है।

मां भद्रकाली मंदिर का स्थापना दिवस मना
मां भद्रकाली पहाड़ावाली गोपालपुर मंदिर में माता की प्रतिमा स्थापना के दो वर्ष पूर्ण होने पर रविवार को भव्य शोभायात्रा एवं चुनरी यात्रा निकाली गई। शोभायात्रा गंजबाजार महाकाली मंदिर से सुबह दस बजे ढोल-नगाड़ों, डीजे के साथ प्रारंभ हुई। चुनरी पदयात्रा महामाया चौक, सांची रोड होते हुए गोपालपुर पहुंची।

लोगों ने चुनरी यात्रा का जगह-जगह पूजन कर फूल बरसाकर स्वागत किया। आगे-आगे युवाओं की टोलियां डीजे पर बज रहे धार्मिक देवी भजनों पर झूमते नाचते हुए चल रही थी। पालकी में मां भद्रकाली की झांकी श्रद्धालु भक्त कांधों पर रखकर शामिल हुए। इसके पीछे माताएं-बहने चुनरी को लेकर माता के भजन गाते हुए चल रही थीं।

चैटीचंड, झूलेलाल जयंती मनाई
सिंधी समाज के लोगों ने आराध्य देव भगवान झूलेलाल की जयंती चैतीचांद पर्व उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर मुखर्जी नगर स्थित गुरूद्वारे में हवन पूजन सुखमणि पाठ का आयोजन किया गया। इसके बाद मुखर्जी नगर मेनगेट पर राहगीरों को छोले चने, साबुदाने की खिचड़ी की प्रसादी वितरित की गई। राहगीरों को शर्बत, ठंडा पानी पिलाया।