
Chaitra Navratri
रायसेन.शक्ति और समृद्धि प्रदान करने वाली मां के चैत्र नवरात्र के साथ ही रविवार से हिन्दू नव वर्ष गुड़ी पड़वा भी प्रारंभ हो रहा है। इस अवसर पर श्रद्धालु अपने घरों में गुड़ी बांधकर उसकी पूजा करते हैं। इस अवसर पर नीम की कोपल पत्ती, मिश्री, गुड़ खाकर हिन्दू नव वर्ष गुड़ी पड़वा पर्व मनाया जाता है। इसके साथ ही रविवार को चैतीचांद पर्व भगवान झूलेलाल की जयंती असीम उत्साह, श्रद्धाभक्ति एवं धूमधाम से मनाई जाएगी। रविवार को चैत्र नवरात्रि का पहला दिन है। इसी दिन से शक्ति स्वरूपा मां अंबे रानी की कठिन उपासना के रूप में भक्त उपवास भी प्रारंभ करेंगे।
धर्मशास्त्री पं. ओमप्रकाश शुक्ला, पंडित राममोहन, कृष्णमोहन चतुर्वेदी ने बताया कि चैत्र नवरात्रि इस बार आठ दिनों की रहेगी। पहले दिन रविवार को नव विक्रम संवत्सर के शुभारंभ सूर्य राजा और शनि मंत्री रहेंगे। चैत्र नवरात्रि पर्व के पहले दिन वृषभ लग्न में सुबह ९ बजकर ३ मिनट से ११ बजकर २ मिनट से घट स्थापना का विशेष शुभ मुहूर्त रहेगा। २५ मार्च रविवार को श्रीराम नवमी के दिन चैत्र नवरात्रि पर्व का समापन होगा। सालों बाद श्रीराम जन्मोत्सव रवि योग में आ रहा है।
देवी मठों में होंगे धार्मिक आयोजन
उधर के जिले के देवी मठों समेत शहर के सभी देवी मंदिरों की साफ-सफाई और रंगरोगन कार्य शुरू हो चुके हैं। देवी मंदिरों में लाइट डेकोरोशन सहित फूलों की मालाओं, बंदनवारों से विशेष सजावट का दौर जारी है। जिले के सुप्रसिद्ध प्राचीन देवी मठ मां हिंगलाज देवी मंदिर बाड़ी, मां काली कंकाली देवी गुदावल, छौलेवाली मातारानी खंडेरा और कऊला देवी गैरतगंज और मां हरसिद्धी देवी मंदिर परवरिया, तरावली वाली माता दीवानगंज आदि में देवी भक्तों का दर्शन पूजन के लिए मेला सा लगेगा।
स्थापना के शुभ मुहर्त
रविवार को सुबह 7.30 से 9 बजे तक चर योग, सुबह 9 से 10.30 बजे लाभ, सुबह 10.30 बजे से दोपहर 12 बजे अमृत योग, दोपहर 1.30 बजे से दोपहर तीन बजे तक शुभ योग, गोधूलि बेला शाम 6 से 7.30 बजे चर योग, वृषभ लग्न सुबह 9 से 11 बजे तक, सिंह लग्न दोपहर 3.32 बजे 5.44 बजे, वृषभ लग्न में सुबह 9.03 से 11.02 तक रहेगा।
नौ दिनों के विशेष भोग
पहले दिन मां शैलपुत्री देवी को गाय के घी का भोग लगाने इच्छा और संकल्प शक्ति मिलती है। दूसरी दिन मां ब्रम्हचारिणी को-शक्कर का भोग लगाने से मन के विकार व तनाव दूर होते हैं। तीसरे दिन चंद्रघंटा देवी को दूध का भोग लगाने से मन की अशांति दूर होती है। चौथी देवी कुष्मांडा को मालपुआ का भोग लगाने से धन-धान्य की प्राप्ति होती है। पांचवें दिन स्कंद माता को केले का भोग लगाने से सुख समृद्धि और आरोग्य प्राप्त होता है।
छठवें दिन देवी कात्यायनी को शहद का भोग लगाने से धन, यश, कीर्त, वैभव व ऐश्वर्य में बढ़ोत्तरी होती है। सातवें देवी मां कालरात्रि को गुड़ का भोग लगाने से भय दूर होता है। आठवीं देवी महागौरी को नारियल का भोग लगाने से कार्य में सफालता मिलती है। नवमें दिन मां सिद्धिदात्री को तिल का भोग लगाने से लक्ष्य की प्राप्ति होती है।
Published on:
18 Mar 2018 03:05 pm
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