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शहरवासियों को बिजली संकट से मिलेगी निजात

वनमंत्री डॉ.गौरी शंकर शेजवार ने किया बाइपास के नजदीक उप सब बिजली फीडर का भूमिपूजन
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शहरवासियों को बिजली संकट से मिलेगी निजात

रायसेन। शहर के मुख्यमंत्री जलावर्धन नलजल योजना वाटर फिल्टर प्लांट और बाइपास के नजदीक बनने जा रहे आईपीडीएस योजना के तहत बिजली उपकेंद्र से नगरवासियों को बिजली कटौती,लाइट के कम वोल्टेज की समस्या से निश्चित रूप से निजात मिल जाएगी।


फिलहाल अभी ओवरलोड बिजली कनेक्शनों के कारण ट्रांसफार्मरों पर लोड के कारण जब तब बिजली गुल हो जाया करती थी। यह बात प्रदेश के वनमंत्री डॉ.गौरीशंकर शेजवार ने रविवार को बाइपास के नजदीक भूमिपूजन समारोह में कही।


वनमंत्री डॉ.शेजवार इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की हैसियत से शामिल हुए ।इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिपं अध्यक्ष अनीता जेपी किरार को करना थी । लेकिन वह किन्हीं अपरिहार्य कारणों से अनुपस्थित रहीं ।

ये रहे उपस्थित
भूमिपूजन समारोह में कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा के जिला उपाध्यक्ष ऋषिनाथ सिंह कुशवाह ने की। जबकि विशेष अतिथि के रूप में अधीक्षण यंत्री पीएएनएस ठाकुर, नपा सीएमओ ज्योति सुनेरे,महाप्रंबधक एसपी दुबे,प्रोजेक्ट आॅफिसर आशुतोष दुबे, जेई राहुल अग्रिहोत्री,सिटी जेई एसआर पाली,गोपालपुर वार्ड 4 की पार्षद क्रांति संतोष कुशवाह मौजूद रहीं ।

इसके अलावा पार्षद राधे सेन,जीतू खत्री, श्रीकांत खटीक,राजू माहेश्वरी,अशोक राठौर सहित भाजपाई उपस्थित हुए। कार्यक्रम का संचालन भाजपा नेता अनिल चौरसिया ने किया। अंत में आभार माना कनिष्ठ यंत्री पाली ने किया।

चार माह में बन कर तैयार होगा उपकेंद्र
वनमंत्री डॉ.शेजवार ने बताया कि एकीकृत ऊर्जा विकास योजना के तहत प्रस्तावित नवीन 33,11 केवीए बिजली उपकेंद्र का निर्माण 2 करोड़ 20 लाख रूपए की लागत से चार महीने में काम पूरा करवा दिया जाएगा।

उन्होंने बिजली कंपनी के अधिकारियों,ठेकेदार को बधाई दी । उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मन, वचन और कर्म के पक्के हैं।

शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की मिली सौगात
वनमंत्री डॉ.शेजवार ने मीडिया कर्मियों से चर्चा करते हुए कहा कि भोपाल में आयोजित कैबिनेट की बैठक में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन शहर को 120 करोड़ की लागत से शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की सौगात दी है।

सर्व सम्मति से मंत्रियों ने भी इसे पारित किया है। इसके लिए जमीन की तलाश कर जल्द ही इंजीनियरिंग कॉलेज भवन का निर्माण कराया जाएगा। इस कॉलेज में सालाना 12 करोड़ रूपए का खर्च आएगा।