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शहर के मेडिकल स्टोर रहे बंद,मरीज व उनके परिजन दवाईयों के लिए भटकते रहे

जिलेभर के 415 दवा विक्रेताओं ने दुकानें बंद रखकर किया समर्थन

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शहर के मेडिकल स्टोर रहे बंद,मरीज व उनके परिजन दवाईयों के लिए भटकते रहे

रायसेन। शुक्रवार को दवाईयों की ऑनलाइन बिक्री के विरोध में शहर सहित जिलेभर के कैमिस्ट 28 सितंबर को सामूहिक रूप से अपने प्रतिष्ठान बंद रख राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल हुए। इस चौबीस घंटे की हड़ताल से मरीजों सहित उनके परिजनों को इमरजेंसी में जरूरी दवाईयों व इंजेक्शनों के लिए भटकते हुए नजर आए।

डिप्टी कलेक्टर संजय उपाध्याय को सौपा ज्ञापन
सुबह से ही शहर के सभी मेडिकल स्टोर पूरी तरह से बंद रहे। कैमिस्ट व ड्रगिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मकबूल अली गुड्डू , ओमकार सिंह गौर, पवन दुबे, कृष्णगोपाल ,जितेंद्र चतुर्वेदी,राजीव लोचन चौबे, संजीव मिश्रा का कहना है कि केन्द्र सरकार को रायसेन जिले के सभी 415 मेडिकल संचालकों सहित देशभर के साढ़े आठ लाख दवा विक्रेताओं के हित के बारे में सोचना चाहिए।


हड़ताल को सफल बनाने के लिए एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने काली पट्टीबांधकर इसका विरोध भी किया। शुक्रवार को सुबह महामाया चौक पर शहर के मेडिकल स्टोर संचालक जुटे। यहां से नारेबाजी के बीच दो पहिया वाहन रैली लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। वहां डिप्टी कलेक्टर संजय उपाध्याय को ज्ञापन दिया गया ।

जिला कैमिस्ट व ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मकबूल अली का कहना है कि केन्द्र सरकार की ढि़लाई के कारण देश में दवाईयों का ऑनलाइन व्यापार बीते एक साल में तेजी से बढ़ा है। इसका असर भारतवर्ष में दवा का कारोबार कर रहे 8.5 लाख कैमिस्टों पर सीधे पड़ रहा है। कैमिस्ट व ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने इस मुद्दे पर केन्द्र सरकार का ध्यानाकर्षण करने के लिए दो बार भारत कैमिस्ट बंद आंदोलन किए हैं, लेकिन सरकार ने हमारी कोई सुनवाई नहीं की। इसलिए 28 सितंबर को जिलेभर में दवा की दुकानें बंद रखी गईं ।

एमआर ने भी दिया हड़ताल को समर्थन
एमआर यूनियन के अनुसार ई.फार्मेसी और ऑनलाइन खरीदी का विरोध कई वर्षों से एमआर भी कर रहे हैं। इसीलिए शुक्रवार को एमआर के सबसे बड़े संगठन एफ एमआरएआई ने आल इंडिया बंद का समर्थन करने का निर्णय लिया। दवाइयों के ऑनलाइन खरीदी से न केवल छोटे व्यापार जगत पर असर पड़ रहा है। साथ ही नशा की प्रवृत्ति भी समाज में तेजी से बढ़ेगी।

दवाओं के लिए भटकते नजर आए कई मरीज


ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ शुक्रवार यानि 28 सितंबर को जिला मुख्यालय के सभी मेडिकल स्टोर्स बंद रहे। इस मुद्दे पर दवा कारोबारी एक साल के भीतर दूसरी बार हड़ताल कर रहे हैं।शुक्रवार का सुबह से शाम तक रायसेन शहर के सभी मेडिकल स्टोर बंद रहे । इसीलिए मरीज व उनके परिजन जरूरत पडऩे पर हाथ में पर्चा लेकर दवाईयों व इंजेक्शन लेने के लिए भटकते नजर आए ।

आखिरकार उन्हें निराश होकर सरकारी जिला अस्पताल जाकर दवाई लेकर संतोष करना पड़ा। मरीज आशालता धाकड़, अशोक बाल्मिकि, हेमेंद्र पटेल,दीपक पटेल, देविका गौर,प्रेमलता आदिवासी, गुलशनबी,सायबानो आदि ने बताया कि मेडिकल स्टोर की हड़ताल के कारण उनके मरीजों को जरूरी दवाईयां नही नसीब नहीं हो सकीं।