जिले में अब तक 78 हजार 500 से अधिक बालिकाओं को मिला योजना का लाभ
रायसेन. लाड़ली लक्ष्मी योजना से बेटियों को समाज में सम्मान मिला है, उन्हें वरदान समझा जाने लगा है। साथ ही बेटियों की शिक्षा की राह भी आसान हुई है। यह बात जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंत मीणा ने गुरुवार को सेवा पखवाड़ा के तहत वन परिसर में आयोजित लाड़ली लक्ष्मी योजना की हितग्राही बालिकाओं एवं उनके अभिभावकों के जिला स्तरीय सम्मेलन में कही। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में बेटी को बोझ नहीं समझा जाता, बल्कि बेटी के जन्म की खुशियां मनाई जाती हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में जन्म लेने वाली बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच, बालिकाओं की शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार कर उनके अच्छे भविष्य की आधारशिला को रखने के लिए ही एक अप्रेल 2007 को लाड़ली लक्ष्मी योजना लागू को किया था। और यह रायसेन जिले का सौभाग्य है कि प्रदेश की पहली लाड़ली लक्ष्मी रायसेन जिले की बेटी थी।
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष सविता जमना सेन ने लोगों से बेटियों को खूब पढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि जब बेटियां शिक्षित होंगी तो पूरा समाज शिक्षित होगा। बेटी पढ़ेगी तो परिवार भी पढ़ेगा और आगे बढ़ेगा। कलेक्टर अरविंद दुबे ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना मप्र शासन की वह योजना है, जिसने समाज में लिंगभेद को दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस योजना के आने से समाज में बालिकाओं के प्रति सोच में बहुत बदलाव आया है। अब लोग बालक-बालिका में भेद नहीं करते। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा बालिकाओं को शिक्षा और रोजगार से जोडऩे, उन्हें सशक्त, समर्थ, सक्षम और आत्म निर्भर बनाने के लिए लगातार काम किए जा रहे हैं। जिले में 78500 से अधिक लाड़ली लक्ष्मी बालिकाएं हैं।
महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी दीपक संकत ने लाड़ली लक्ष्मी योजना तथा आयोजन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान नगर की बालिकाओं द्वारा मार्शल आर्ट का प्रदर्शन किया। अतिथियों ने योजना की हितग्राही बालिकाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए। साथ ही बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे नम्बरों से उत्तीर्ण होकर जिले का नाम रोशन करने वाली छात्राओं को भी प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य संदीप दुबे, संजय गहरवार, जमना सेन सहित अन्य मौजूद थे। अंत में अभिभावकों को अपनी लाड़ली बिटियां को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करते हुए आगे बढऩे के भरपूर अवसर प्रदान करने की शपथ दिलाई।