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वीर हनुमान ने जलाई रावण की सोने की लंका

श्रीरामलीला महोत्सव

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Ram kailash napit

Dec 29, 2016

raisen

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रायसेन.
शहर में आयोजित श्रीरामलीला महोत्सव में गुरूवार को लंका दहन की लीला का प्रभावी मंचन हुआ। रामदूत हनुमान की पूंछ में लंकापति रावण के आदेश पर जैसे ही राक्षसों ने आग लगाई। केसरी नंदन हनुमानजी ने उछलकूद कर लंका के महलों में आग लगा दी। जिससे राक्षसों में जान बचाने के लिए भगदड़ मच गई। लंका दहन कर लौट कर रामादल में हनुमानजी ने माता सीता की सुध लाने की जानकारी श्रीराम को दी। श्रीराम लीला मेला संचालन समिति के प्रमुख पं. राजेंद्र शुक्ला, बद्री प्रसाद पाराशर ने बताया कि वानर राज सुग्रीव के आदेश पर राम भक्त हनुमान, बालि पुत्र अंगद, जामवंत सहित वानर सेना समुद्र किनारे पहुंचती है। यहां माता जानकी की खोज करने की रणनीति पर गहन मंथन होता है। तब रामभक्त हनुमान को उनकी शक्ति की याद दिलाकर समुद्र पार करने के लिए कहा जाता है। वह लंकानगरी जाते हुए रास्ते में सुरसा, लंकिनी, डंकिनी आदि का वध करते हैं।


लंका में मिला रामभक्त

आधी रात को जब हनुामनजी लंका में घूमते हैं। तो विभीषण कु टिया में राम का सुमिरन करते मिलते हैं। हनुमान जी विभीषण से मिलते हैं। विभीषण हनुमान को माता सीता को अशोकवाटिका में होने की बात बताते हैं। माता सीता से मिलकर हनुमान अशोक वाटिका उजाड़ देते हैं। अक्षय कुमार का वध करते हैं। मेघनाद उन्हे नागपाश में बांधकर रावण के दरबार में ले जाता है। रावण हनुमानजी की पूंछ में आग लगाने का आदेश देता है। राक्षसों द्वारा बजरंग बलि की पूंछ में कपड़े लपेटकर आग के हवाले कर देते हैं। हनुमानजी उछलकूद कर लंका के महल को जलाकर खाक कर देते हैं।