1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अस्पताल के डॉक्टरों और स्टॉफ को ही है देरी से आने का रोग

सरकारी अस्पताल में डॉक्टर्स व स्टाफ अपने ड्यूटी टाइम से लगभग डेढ़ डेढ़ घंटे लेट आते हैं और समय से पूर्व ही चले जाते हैं

2 min read
Google source verification
patrika news

Obeadullahganj Governance keeps a good budget for it to get better health facilities for the common man. But due to the lack of resources and the apathetic and irresponsible attitude of hospital staff, the public has no time benefit. Yes, the condition is that in the government hospital, doctors and staff come late for about one and half and half hours from their duty time and leave before time.

औबेदुल्लागंज. आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले, इसके लिए शासन अच्छा खासा बजट तो रखता है। पर संसाधनों के अभाव और अस्पताल के स्टाफ के उदासीन और लापरवाहीपूर्ण रवैये के कारण आमजन को समय पर लाभ नहीं मिल पाता। जी हां, हालत ये है कि यहां सरकारी अस्पताल में डॉक्टर्स व स्टाफ अपने ड्यूटी टाइम से लगभग डेढ़ डेढ़ घंटे लेट आते हैं और समय से पूर्व ही चले जाते हैं।

वैसे सरकार ने सुबह काम पर जाने वाले लोगों को ध्यान में रखते हुए ओपीडी का समय सुबह 8 से दोपहर 1 बजे व शाम को 5 से 6 बजे तक रखा गया है। मगर शासकीय अस्पताल में डॉक्टर व स्टॉफ को डेढ़ घंटे लेट आने की बीमारी है, जिसके कारण लोगों को स्वस्थ्य सेवाओं का बेहतर लाभ नहीं मिल पा रहा है। पत्रिका ने लोगों की शिकायत पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र औबेदुल्लागंज का जायजा लिया। सवा नौ बजे अस्पताल में वार्डबॉय मरीजों के ओपीडी पर्ची बना रहा था।

वहीं पांच मरीज इलाज के पर्चे लेकर स्टॉफ का इंतजार कर रहे थे और दवाखाने में ताला लगा था, अंदर कमरे में दो नर्स उपस्थित थीं। मगर बीएमओ डॉ. केपी यादव व ओपीडी के डॉक्टर और स्टॉफ सीट पर नहीं थे। कुछ स्टॉफ ने पत्रिका टीम के होने की जानकारी अस्पताल के बाहर मौजूद दो डॉक्टरों को दी, फिर वह अपनी कुर्सी पर आए। दरअसल दोनों डॉक्टर अन्य स्टॉफ के आने का इंतजार कर रहे थे।

लेट आने, जल्दी जाने की बीमारी
उपस्थित लोगों ने बताया कि स्टॉफ साढ़े नौ बजे के बाद ही अस्पताल आता है व एक बजे के पहले ही भोपाल चला जाता है। शाम को पांच से छह बजे की ओपीडी के लिए स्टॉफ नहीं रहता है। जिस डॉक्टर की इमरजेंसी ड्यूटी रहती है वहीं शाम को ओपीडी के समय रुकता है। स्टॉफ ने बताया कि बीएमओ यादव का स्टॉफ पर कोई नियंत्रण नहीं है, क्योंकि वह स्वयं ही लेट आते हैं।

सीने में दर्द होने के कारण अस्पताल आया हूं, अभी कोई आया ही नहीं, सीने में काफी दर्द के कारण परेशानी हो रही है।
- दीपचंद जाटव, तामोट
यदि डॉक्टर व स्टॉफ लेट आ रहे हैं तो मैं दिखवाती हूं।
- एस प्रिया मिश्रा, कलेक्टर
स्टॉफ को समय पर आने के लिए निर्देशित किया गया है, लेकिन वह नहीं आ रहे हैं। व्यवस्था सुधरवाने का प्रयास किया जाएगा।
- डॉ. केपी यादव, ब्लॉक मेडिकल आफीसर