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अब ग्राम पंचायतों में भी होगी शहरों जैसी स्वच्छता रैकिंग

अभियान-स्वच्छ पूर्णा योजना में पंचायतोंं को मिलेंगे पुरस्कार

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अब ग्राम पंचायतों में भी होगी शहरों जैसी स्वच्छता रैकिंग

रायसेन@शिवलाल यादव की रिपोर्ट...
अब नगर निगम, नगरपालिका और और नगर परिषदों की तरह ग्राम पंचायतों की भी स्वच्छता रैकिंग की जाएगी। स्वच्छता कीर इस रैकिंग में सबसे स्वच्छ ग्राम पंचायत को जिला पंचायत की ओर से पुरष्कृत किया जाएगा। इसके लिए दो महीने बाद जिला व जनपद पंचायतों की टीम ग्राम पंचायतोंं का सर्वे करेगी। शहरों में की गई स्वच्छता रैकिंग की तरह ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए ग्राम पंचायतों मेंं भी स्वच्छता रैकिंग करने की योजना बनाई है। यह रैकिंग दरअसल जिला स्तर पर होगी।

ग्राम पंचायतोंं का पूर्णत: ओडीएफ होना अनिवार्य
स्वच्छता की इस रैकिंग में ग्राम पंचायतोंं का पूर्णत: ओडीएफ होना अनिवार्य है। इनमें खुले में शौच मुक्त, गंदे पानी की निकासी, कचरे के निपटारा, गलियों और सड़क पर गंदगी आदि बिन्दु शामिल किए गए हैं। जिला और जनपद पंचायतों की टीम दो महीनों के बाद ग्राम पंचायतोंं का सर्वे करेंगी। इसके बाद उनकी रैकिंग करेंगी। सबसे अच्छी स्वच्छ ग्राम पंचायत को पुरस्कृत किया जाएगा। इससे ग्रामीण सफाई के प्रति जागरूक बनें।

5 लाख रूपए दिया जाएगा प्रथम ईनाम ...
ग्राम पंचायतों के बीच यह स्वच्छता प्रतियेागिता आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता में विजेता ग्राम पंचायतों को सांसद निधि से पुरस्कृत किया जाएगा। जिला स्तरीय स्वच्छता प्रतियोगिता में अव्वल स्थान हासिल करने वाली ग्राम पंचायत को 5 लाख रूपए, दूसरे क्रम की ग्राम पंचायत को रू.३ लाख और तीसरे स्थान पर आने वाली ग्राम पंचायतों को २ लाख रूपए का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इस तरह जिले के सातों हरेक विकासखंडों से तीन तीन ग्राम पंचायतोंं को ये पुरस्कार दिए जाएंगे।

स्वच्छता रैकिंग के जरिए ग्राम पंचायतों को जैविक खेती के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।इसमें नाडेप और बायो गैस प्लांट लगाकर कचरे और गोबर से खाद बनाना सिखाया जाएगा। साथ ही गंदे पानी को नाली के जरिए एक फिल्टर टैंक से जोड़ा जाएगा। इससे शुद्ध हुए पानी से सिंचाई की जाएगी।
अमनवीर सिंह बैस जिपं सीईओ रायसेन