
नगरीय क्षेत्र की सीमा में राजमार्ग के किनारे निजी कंपनी ने 4जी लाइन डालने के लिए जगह-जगह गड्ढे खोद दिए
रायसेन @शिवलाल यादव की रिपोर्ट....
शहर से गुजरे नेशनल हाईवे की हालत इन दिनों बद् से बद्तर हो चुकी है।नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों व सड़क निर्माण ठेकेदार की लापरवाही की वजह से बारिश थमने के बाद भी अभी तक मुनासिब नहीं समझा गया है।
हाईवे की हालत खराब होने से दो पहिया,चार पहिया वाहन चालकों समेत यात्री वाहनों के चालक इस गड्ढे वाले हाईवे की सड़क पर जोखिम भरा सफर करने को मजबूर हैं।
हाईवे पर उभरे छोटे-बड़े अनगिनत गहरे गड्ढों की वजह से आएदिन सड़क हादसों में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है।सड़क एक्सीडेंट में कई बेकसूर लोगों की अभी तक जानें जा चुकी हैं तो कुछ घायल होकर जिदंगी भर का दर्द सहने को विवश हैं।
जिम्मेदारों की लापरवाही व अनदेखी का आलम यह है कि लंबे अरसे बाद भी इस हाईवे की दुर्दशा सुधारने तो दूर की बात इस रोड का निर्माण भी नहीं कराया गया है।
आलम यह है कि बीदपुरा से लेकर सदालतपुर सदालतपुर घाट से लेकर बनगवां ,दरगाह शरीफ से बाइपास जोड़ गोपालपुर तक हजारों छोटे बड़े गहरे जानलेवा गड्ढे बने हुए हैं। लेकिन इन गड् ढो के जख्मों को भरने थेगड़े लगाना तक उचित नहीं समझा जा रहा है।
हिचकोले खाते गुजरते हैं वाहन....
दरअसल यह पक्केतौर पर कहा जा सकता है कि जब से शहर से नेशनल हाईवे 146 का निर्माण हुआ । तब से ही यह लोगों के लिए किसी अभिशाप से कम साबित नहीं हो रहा है।सहूलियत के नाम पर इस हाईवे पर कुछ भी नहीं है।
भोपाल रोड बीदपुरा से लेकर गोपालपुर बाइपास लगभग 11 किमी तक इस हाईवे पर कई जगहों से डामर की परतें उखड़ चुकी हैं। कई स्थानों पर छोटे बड़े सैकड़ों गड्ढे बने हुए हैं।हाईवे पर इन गड्ढों की वजह से आएदिन लोगों की दो पहिया वाहन फिसलकर चोटिल हो जाते हैं।
कई लोगों की मौतें इन सड़क हादसों में हो चुकी हैं। दो पहिया तीन पहिया व चार पहिया वाहनों के चक्के हिचकाले खाने लगते हैं। हाईवे पर हर तरफ उभरे गड्ढे ऊंची नीची डगर धूल और फिसलन भरे गड्ढे ही नजर आते हैं।
शुरूआत में जब सड़क पर काम हो रहा था ऐसा लग रहा था मानो अब हाईवे के दिन फिर जाएंगे। गिट्टी धूल भरे और गिट्टी के गठजोड़ भरे रास्ते से फिलहाल वाहन चालकों का गाडिय़ां चलाने में दम निकल रहा है।
आलम यह है कि बीदपुरा से लेकर दरगाह शरीफ रपटे भोपाल रोड तक अनगिनत गड्ढे व धूल भरा रास्ता है।भारी वाहन से लेकर यात्री वाहन दो पहिया वाहन हिचकोले खाते हुए चलते हैं।
यह हाईवे के गड्ढे हर दिन सड़क दुर्घटना के कारण बन रहे हैं। हाई स्पीड कार में सवार लोगों को कमर का दर्द बढ़ा रहे हैं। इसके अलावा महामाया चौक रायसेन से लेकर बाइपास जोड़ गोपालपुर तक का हाईवे भी अजीब शक्ल ले चुका है। कहीं भी यह अहसास नहीं होता की उप नगरीय रायसेन की यह स्मार्ट सड़क है।
इसका इतिहास ही दुखद भरा ....
शहर में रायसेन विकास संघर्ष समिति आम नागरिकों ,व्यापारियों द्वारा चलाए गए नेशनल हाईवे की मांग का आन्देालन करीबन छह महीनों तक चला । तब कही जाकर नेशनल हाईवे की शहर को सौगात मिल सकी। रायसेन शहर में नेशनल हाईवे 146 जब से निर्माण होना शुरू हुआ 60 हजार की आबादी वाले इस शहर को किसी मुसीबत से कम साबित नहीं रहा है।
शुरूआत से ही शहर की आबादी के हिसाब से सड़क संकरी थी। जब सड़क का चौड़ीकरण नगरपालिका द्वारा कराया गया तो ठेकेदारों ने घटिया निर्माण कर दिया था। लोगों ने उम्मीद जतायी की कम से कम हाईवे चौड़ीकरण से कुछ राहत मिलेगी । लेकिन लोगों की तनिक भी परेशानी दूर नहीं हो सकी।
लापरवाही का आलम यह है कि सांची रोड पर पक्की पुलिया एसपी आफिस से लेकर वीआईपी कॉलोनी के सामने तक साइडें खुदी पड़ी हैं। राहगीरों से लेकर वाहन चालकों को पटरी से आवागमन परेशानी भरा साबित हो रहा है। इसके अलावा इस हाईवे पर कहीं होने वाले पानी के पाइपों से लीकेज और अनावश्यक खुदाई से भी हाईवे 146 की सड़क ज्यादा दिनों तक सपाट नहींरह सकी ।
जब तब इस हाईवे की सड़क को खोदा जाता रहा। इससे आमजनों की मुसीबत बरकरार है।कमोवेश कुछ ऐेसे ही हालात रायसेन जिले से गुजरे नेशनल हाईवे 12 जयपुर जबलपुर के बने हुए हैं। वाहन चालकों के लिए यह डगर भी फिलहाल आसान नहीं बची है।
Updated on:
22 Oct 2018 11:37 am
Published on:
22 Oct 2018 11:37 am
