रायसेन. डॉ. प्रभुराम अच्छे व्यक्ति थे, कांग्रेस में उन्हे पूरा सम्मान मिलता था, हमने उन्हे खूब आगे बढ़ाया। लेकिन अचानक न जाने क्या हो गया, वे भाजपा में चले गए। क्यों गए, कैसे गए, यह अपने में इतिहास है। संगत का बड़ा असर होता है, प्रभुराम भाजपा की संगत में आकर बिगड़ गए हैं। उनके खिलाफ बहुत शिकायतें मिल रही हैं। जो गंभीर हैं, इनकी जांच करने के बाद खुलासा करेंगे। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में कही। वे कांग्रेस के मंडलम कार्यकर्ताओं की बैठक में शामिल होने रायसेन आए थे। सर्किट हाउस में प्रेस से चर्चा करते हुए उन्होंने प्रदेश सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। भ्रष्टाचार, बजरंग दल जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। इधर पाटी कार्यकर्ताओं की बैठक में उन्होंने कार्यकर्ताओं को निडर होकर चुनाव में कूदने का जोश भरा। कार्यकर्ताओं से मिलकर उनकी बात सुनी और चुनाव के मद्देनजर सलाह लीं। इस मौके पर पूर्व सांसद रामेश्वर नीखरा, विधायक देवेंद्र पटेल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र पटेल, पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल सहित जिले के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।
मीडिया से बात करते हुए सिंह ने कहा कि सिंधिया परिवार का नेहरू गांधी परिवार सम्मान करता था। सिंधिया ने खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ प्रदर्शन किए बयान दिए जिनके वीडियो उपलब्ध हैं। मुझे देशद्रोही कहा, शिवराज सिंह ने भी मुझे देशद्रोही कहा। जबकि भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ताओं को पाकिस्तान की आइएसआइ से संबंधों के चलते पकड़ा गया है। रायसेन में ही आतंकी संगठन का केंप चलता रहा। शिवराज सरकार का खुफिया तंत्र कहां है। दिग्विजय सिंह ने बैरसिया के युवक सौरभ जैन के बयान के आधार पर संघ प्रमुख मोहन भागवत पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि संघ, बजरंग दल और भाजपा के कार्यकर्ता आइएसआइ के लिए खुफियागिरी कर रहे हैं, इसकी जांच एनआइए से कराया चाहिए।
सिंह ने ग्राम भरदा चंदोरा की सौ एकड़ आदिवासियों की जमीन के नामांतरण का मामला उठाते हुए जिले में लोकायुक्त की कार्रवाईयों का जिक्र किया। किसानों के मुआवजा राशि में घोटाले का मामला उठाते हुए सिंह ने हाइकोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में समिति बनाकर जांच कराने की मांग उठाई।