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जिले के पर्यटन को बढ़ावा देने बनेगी नई योजना

पर्यटन स्थलों पर महिलाओं को सुरक्षित भ्रमण का अहसास कराने दिया जा रहा प्रशिक्षण।

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जिले के पर्यटन को बढ़ावा देने बनेगी नई योजना

जिले के पर्यटन को बढ़ावा देने बनेगी नई योजना

रायसेन. जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास के साथ अब वहां महिलाओं को निर्भीक और सुरक्षित पर्यटन के लिए योजना बनाई जा रही है। सांची, भीमबैठिका के साथ इन दोनो पर्यटन स्थलों के आस-पास भोजपुर, सुनारी आदि पर्यटन स्थलों के विकास की भी योजना पर काम किया जाएगा। जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, अन्य जिलो की तुलना में यहां पर्यटन स्थल भी ज्यादा हैं और दो विश्व धरोहरें भी हैं, बाबजूद इसके सांची और भीमबैठिका के अलावा किसी अन्य पर्यटन स्थल के विकास और वहां सुविधाओं को लेकर कोई गंभीर प्रयास आज तक नहीं किए गए हैं। अब एक बार फिर इसकी उम्मीद जागी है। कलेक्टर अरविंद कुमार दुबे जिले के पर्यटन स्थलों के विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में सकारात्मक योजना पर विचार करने की बात कह रहे हैं।
पर्यटन बोर्ड भी प्रदेश के चुनिंदा 50 पर्यटन स्थलों पर महिलाओं को सुरक्षित पर्यटन उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रहा है। इस योजना में जिले के सांची और भीमबैठिका को शामिल किया गया है। इनके साथ आस-पास के पर्यटन स्थल भोजपुर, सुनारी जैसे पर्यटन स्थलों को भी शामिल किया जा रहा है। योजना के तहत स्थानीय महिलाओं को प्रशिक्षण देकर पर्यटन उद्योग से जुडऩे के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि इन स्थानों पर आने वाली महिला पर्यटकों को सुरक्षित और सहज पर्यटन का अहसास हो।
कई बार बनी योजनाएं
जिले के पर्यटन स्थलों को विकसित करने, वहां सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पहले भी योजनाएं बनी हैं। जिला पर्यटन विकास समिति भी बनी है, लेकिन समिति के प्रयास बैठकों से बाहर नहीं आए। करीब छह साल पहले तत्कालीन कलेक्टर लोकेश जाटव ने रुचि लेकर जिले के पर्यटन स्थलों, शैलाश्रयों की सूची तैयार की थी। वे कुछ करते इससे पहले ही उनका तबादला हो गया। उसके बाद किसी ने न तो पर्यटन स्थलों की सूची देखी और न ही कोई काम करने के प्रयास किए।
सबसे ज्यादा शैलाश्रय जिले में
रायसेन जिले में 55 ऐसे स्थान हैं, जहां प्राचीन कालीन शैलाश्रय और शैलचित्र हैं। शैलचित्रों की इतनी बड़ी श्रंखला देश में एक ही जिले कहीं नहीं है। बाबजूद इसके केवल भीमबैठिका ही दुनिया के सामने आ सकी। प्रदेश के कई पुरातत्वविदों ने रायसेन के शैलचित्रों को सांची, भीमबैठिका से जोड़कर एक पर्यटन सर्किट बनाने की जरूरत बताई, लेकिन उस दिशा में स्थानीय स्तर पर कोई प्रयास नहीं किए गए।
बड़े उद्योग की संभावना
जिले में पर्यटन को एक बड़े उद्योग के रूप में स्थापित करने की संभावनाएं बनी हुई हैं। सांची और भीमबैठिका आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को बाकी स्थलों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने के साथ सुलभ आवागमन की सुविधा दी जाए, तो जिले में पर्यटन का विकास गति पकड़ सकता है।
महिलाएं संभालेंगी जिम्मेदारी
सोमवार को सुरक्षित पर्यटन को लेकर आयोजित एक बैठक में बताया गया कि केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की निर्भया योजना के अंतर्गत महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना लागू की गई है। जिसमें महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन को बढ़ावा देने, महिलाओं का कौशल विकास, बालिकाओं एवं महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण, पर्यटन स्थलों एवं आस-पास के क्षेत्रों में स्थानीय निकायों द्वारा आधारभूत सुविधाओं का उन्नयन, जागरुकता आदि कार्य किए जा रहे हैं। पर्यटन बोर्ड की सलाहकार वर्षा परिहार ने बताया कि पर्यटन स्थलों को महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं भयमुक्त बनाना है। इसके लिए इन स्थलों के आसपास की महिलाओं एवं लड़कियों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्हे रोजगार से जोडऩे ई-रिक्शा, टूरिस्ट गाईड, सिक्युरिटी गार्ड आदि कार्यो का प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
इनका कहना है
जिले के पर्यटन स्थलों के विकास और वहां सुविधाएं उपलब्ध कराने योजना बनाकर कार्य किए जाएंगे। महिलाओं को सुरक्षित पर्यटन उपलब्ध कराने आस-पास की महिलाओं, लड़कियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिले में पर्यटन को विकसित करने हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
अरविंद कुमार दुबे, कलेक्टर
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