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छह माह से नहीं मिली बैंक कर्मियों को पगार

रायसेन. जिला सहकारी कृषि ग्रामीण विकास बैंक कर्मचारी संघ के बैनर तले बैंक के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को बैंक शाखा के सामने हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों ने बताया कि जून 2015 से उनको वेतन नहीं दिया जा रहा है। जिससे उनके सामने आर्थिंक संकट खड़ा हो गया है। वर्तमान […]

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veerendra singh

Jan 01, 2016


रायसेन.
जिला सहकारी कृषि ग्रामीण विकास बैंक कर्मचारी संघ के बैनर तले बैंक के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को बैंक शाखा के सामने हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों ने बताया कि जून 2015 से उनको वेतन नहीं दिया जा रहा है। जिससे उनके सामने आर्थिंक संकट खड़ा हो गया है। वर्तमान में अपने परिवार का गुजारा लोगों से उधारी लेकर कर रहे हंै। ऐसे में उधार देने वाले भी अब उन्हें परेशान करने लगे हैं। कई बार मांग किए जाने के बावजूद भी उनको पगार नहीं दी गई है, इसलिए हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ा।

बैंक कर्मियों ने कलेक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में कहा है कि सभी जिला बैंकों में दिसंबर 2015 तक के वेतन एवं अन्य देनदारियों का बिना शर्त भुगतान किया जाए एवं जून 2016 तक अनवरत भुगतान सुनिश्चित किया जाए। कर्मचारियों का संविलियन सहकारी बैंक, मप्र शासन के विभागों में अतिशीघ्र किया जाए। मप्र राज्य सहकारी कृषि ग्रामीण विकास बैंक के अनुसार मंहगाई भत्ते के आदेश जारी किए जाएं। जिला बैंकों के कर्मचारियों को छठा वेतनमान लागू किया जाए तथा कर्मचारियों के संविलियन के पूर्व कर्मचारियों की पदोन्नति की जाए। हड़ताल में केएस सक्सेना, सचिव जेएस कैरव, उपाध्यक्ष नारायण ङ्क्षसह ठाकुर, संजय सक्सेना, राकेश धाकड़, बसंत कौरव, मदन रघुवंशी, वर्षा अग्रवाल आदि शामिल थे।