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एक दूसरे को बचाने में डूब गए तीन भाई, एक साथ उठीं तीनों की अर्थियां

तीन बहनों के थे एक-एक घर के चिराग, नर्मदा में एक साथ डूबने से मौत, औबेदुल्लागंज के तीन गांव में एक साथ उठीं तीन अर्थियां

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औबेदुल्लागंज के तीन गांव में एक साथ उठीं तीन अर्थियां

औबेदुल्लागंज. एमपी के सीहोर जिले में दर्दनाक हादसा हुआ। यहां के माथनी के पास जहाजपुरा घाट में तीन युवा नर्मदा में डूब गए। तीनों रिश्ते में भाई थे। तीन युवा बच्चों की मौत से पूरे इलाके में मातम पसर गया। तीनों भाइयों की उनके गांवों में एक साथ अर्थियां उठीं तो हर कोई रो उठा।

तीनों युवा औबेदुल्लागंज क्षेत्र के नागर समाज के थे। दीवाटिया के सोरभ नागर, ईटायाकलां के हर्ष नागर और औबेदुल्लागंज के अर्जुननगर के प्रियांशु नागर, तीनों लगभग 19 वर्ष के थे। सुबह 11 बजे जैसे ही इन युवाओं की मौत की खबर पहुंची, तीनों गांव के साथ, जिसने भी घटना के बारे में सुना, शोक में डूब गया।

बताया जा रहा है कि तीनों शनिवार शाम को मोटरसाइकिल से सलकनपुर के पास माथनी सोरभ की बहन के घर गए थे। रविवार शाम को इन्हें वापस लौटना था, लेकिन इनकी मोटरसाइकिल पंचर हो जाने से वे रविवार की रात भी वहीं रूक गए। सोमवार को तीनों अन्य दो युवाओं के साथ जहाजपुरा नर्मदा स्नान के लिए चले गए।

दो भाइयों को बचाने के फेर में डूब गया तीसरा
सोरभ, हर्ष व प्रियांशु के साथ माथनी से ऋषभ नागर व पियूश नागर भी इनके साथ स्नान के लिए गए थे। घाट पर पहुंचकर पहले दो युवा पानी में गए, तो डूबने लगे। तीसरा इनको बचाने के फेर में डूब गया। इसके बाद ऋषभ भी इनको बचाने गया, तो वह भी डूबने लगा। ऋषभ को अन्य लोगों ने पैर पकडकर वापस खींचा।

अपने-अपने घर के दुलारे बेटे थे तीनों भाई
तीनों युवा रिश्ते में भाई थे। दीवाटिया के संतोश नागर की पांच बेटियां व एक बेटा सोरभ था। ईटायाकलां के हर्ष के पिता भगवत सिंह का पहले ही देहांत हो चुका है और परिवार में मां व एक बहन है। अर्जुननगर औबेदुल्लागंज के पप्पू नागर का एक बेटी व एक बेटा प्रियांशु ही था। सोरभ व हर्ष दोनों सगी बहनों के बेटे हैं और प्रियांशु मामा-बुआ की बहन के बेटे हैं। यानी तीनों बहनों के एक-एक बेटे थे।

दीवाटिया, ईटायाकलां व अर्जुननगर में शोक की लहर है। अर्जुननगर का प्रियांशु का परिवार हिरानिया में रहता है, जिससे हिरानिया में भी शोक की लहर है। जिसने भी घटना के बारे में सुना उसकी आंखें नम हो गईं।