6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विदिशा मांग रहा पानी, बढ़ न जाए पेयजल संकट

गत वर्ष की कम बारिश और तेजी से गिरते भू-जल स्तर के कारण रायसेन और विदिशा जिले में पानी का संकट खड़ा हो गया है।

2 min read
Google source verification
Drinking water

रायसेन. गत वर्ष की कम बारिश और तेजी से गिरते भू-जल स्तर के कारण रायसेन और विदिशा जिले में पानी का संकट खड़ा हो गया है। यहां खास बात ये है कि ये दोनों ही शहर हलाली डेम के पानी पर निर्भर हो गए हैं। वहीं जलावर्धन योजना के तहत रायसेन में पहले ही हलाली डेम का पानी आ रहा है, जिससे आधे से अधिक शहर की प्यास बुझ रही है। बेतवा की धार टूटने और नगर पालिका के अपने जलस्रोतों के लगातार बंद होने से शहर की अधिकतम आबादी हलाली के पानी पर निर्भर होती जा रही है। यही हाल विदिशा जिले का भी है।

विदिशा नगर पालिका ने भी हलाली डेम से पानी की मांग की है। ऐसे में रायसेन के इस बड़े तालाब पर विदिशा का बोझ़ भी पडऩे वाला है। हालांकि हलाली के अधिकारी अभी भी तालाब में पर्याप्त पानी होने की बात कह रहे हैं। शहर में लगातार गिर रहा जल स्तर जिले भर में अब कम बारिश का असर भी दिखाई दे रहा है।

लगातार जल स्तर गिरने से जलस्रोत साथ छोड़ रहे हैं। जिला मुख्यालय पर नपा के ३४ बोर और १२६ हैंडपंप होने के बाद भी आधे शहर में हलाली का पानी सप्लाई हो रहा है। लगातार हैंडपंप बंद हो रहे हैं और बोर भी साथ छोड़ रहे हैं। नगर पालिका ने अगले दिनों में एक घंटे ही जगह आधा घंटे पानी सप्लाई करने की योजना बनाई है। निजी कॉलोनियों में पहले ही जल सप्लाई का समय घटाकर आधा घंटा कर दिया है।

ये है हलाली की स्थिति
हलाली डेम में फिलहाल 50 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी है, जिसमें पांच एमसीएम पानी रायसेन के लिए आरक्षित है। जबकि विदिशा नगर पालिका ने 20 एमसीएम पानी की मांग हलाली डेम से की है। हलाली के अधिकारी पर्याप्त पानी की बात कह रहे हैं, लेकिन दो शहरों की प्यास बुझाने में हलाली का पेट खाली होने की संभावना है, जिस पर लगभग 40 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई निर्भर है।

अन्य तालाब भी हो रहे खाली

जिले के अन्य तालाब भी तेजी से खाली हो रहे हैं। बारना डेम बाड़ी में 20 दिन की सिंचाई के पानी बचा है। डेम की कुल क्षमता 348.55 मीटर की तुलना में वर्तमान में 339.99 मीटर पानी है। पलकमती तालाब के हाल भी संतोषजनक नहीं हैं। इस डेम में पानी निचले स्तर पर पहुंच गया है।

- हलाली डेम से रायसेन के लिए पांच एमसीएम पानी दिया जा रहा है।

विदिशा से भी पानी की मांग आ रही है, उनकी पूर्ति भी कर देंगे। फिलहाल स्थिति ठीक है।
- जेआर प्रसाद, ईई हलाली परियोजना