
प्रवीण श्रीवास्तव
रायसेन। सरकार को महिलाओं की सेहत की चिंता है। खाद्य मंत्रालय के मुताबिक देश में हर दूसरी महिला में खून की कमी है और हर तीसरा बच्चा कुपोषित है। कुपोषण की इस गंभीर समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने एक अभियान फोर्टिफाइड चावल शुरू किया है। इसके तहत मिड डे मील और राशन की दुकान पर 'फोर्टिफाइड राइस' दिया जा रहा है। जिसे खाने से शरीर के लिए जरूरी विटामिंस और पोषक तत्वों की कमी की पूर्ति होगी। इस चावल की पूर्ति के लिए सभी जिलों में राइस मिल संचालकों को इसके उत्पादन के लिए कहा गया है, ताकि जरूरत के मुताबिक जिला स्तर पर ही चावल की पूर्ति हो सके।
क्या है फोर्टिफाइड राइस
फोर्टिफाइड राइस का मतलब है, पोषणयुक्त चावल, इसमें आम चावल की तुलना में आयरन, विटामिन बी-12, फॉलिक एसिड की मात्रा अधिक होती है। इसके अलावा जिंक, विटामिन ए, विटामिन बी वाले फोर्टिफाइड राइस भी तैयार किए जा सकते हैं। इसे आम चावल में मिलाकर खाया जाता है। यह देखने में बिल्कुल आम चावल जैसे ही लगते हैं, लेकिन रंग में मामूली अंतर होता है। इसे मिल में तैयार किया जाता है। पहले सूखे चावल को पीसकर आटा बनाया जाता है, फिर उसमें सूक्ष्म पोषक तत्व मिलाए जाते हैं। उसके बाद पानी के साथ इन्हें सही तरीके से मिक्स कर मशीनों की मदद से सुखाकर इस मिश्रण को चावल का आकार दिया जाता है। फोर्टिफाइड चावल को 1 गुणा 100 के अनुपात में मिलाया जाता है। यानि 1 किलो चावल में 10 ग्राम फोर्टिफाइड राइस मिलाया जाता है।
जिले में ये है वितरण की स्थिति
रायसेन जिले में फोर्टिफाइड चावल का वितरण शुरू हो गया है। जानकारी के अनुसार कुछ राशन दुकानों पर यह चावल भेजा गया है। नागरिक आपूति निगम के प्रबंधक केके चतुर्वेदी का कहना है कि अब तक जिले में अब तक 225 टन फोर्टिफाइड चावल दुकानों पर पहुंच चुका है, जिसका वितरण शुरू हो गया है।
Updated on:
23 Jul 2022 04:08 pm
Published on:
23 Jul 2022 04:06 pm
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