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बुधबार उपद्रव के बाद दोनो पक्षो के लोंगो को साथ बैठा प्रशासन

कराई गांव में शांति बहाल, लोग बोले हमेशा से गांव में साम्प्रदायिक सौहार्द रहा है आगे भी रहेगा
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फोटो  राजगढ़।

बुधबार उपद्रव के बाद दोनो पक्षो के लोंगो को साथ बैठा प्रशासन



राजगढ़। बुधवार की शाम एक जमीनी विवाद के बाद दो पक्षों में विवाद हुआ और देखते ही देखते इस विवाद ने बड़ा रूप ले लिया। जिसमें एक पक्ष के 2 लोगों के घायल होने के बाद गांव में भारी उपद्रव हुआ। जिसमें ना सिर्फ राजगढ़ की पुलिस बल की गुना, सीहोर की पुलिस को भी बुलाना पड़ा। इतना ही नहीं रातभर एसपी प्रदीप शर्मा कलेक्टर हर्ष दीक्षित और खुद भोपाल आए आईजी इरशाद वली भी मौके पर पहुंचे। जहां पूरे मामले को शांत कराया।
रातभर पुलिस गांव में गश्त करती रही इसी बीच सुबह होते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनकामना प्रसाद और एडीएम कमल चंद्र नागर ने दोनों पक्ष के लोगों को गांव की चौपाल में बैठाया और पूरे मामले को समझाइस दी। जिसमें पाया कि यह विवाद 2 समाज या दो पक्षों का नहीं है बल्कि यह विवाद व्यक्तिगत है और एक जमीन को लेकर है। ऐसे में गांव में किसी तरह का कोई विवाद ना हो और लोग आपसी तालमेल के साथ रहे। इसके लिए सभी को राजी कराया। ग्रामीणों ने भी इस बात को स्वीकारा साथ ही जिस जमीन का विवाद है, ग्रामीणों ने उसे हल करने के लिए प्रशासन से भी अपील की। दूसरे दिन फिर कलेक्टर एसपी मौके पर पहुंचे और उन्होंने इस पूरे मामले में ग्रामीणों से चर्चा की और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

विवाद न बड़े इसलिए करेड़ी 60 शस्त्र लाइसेंस निरस्त
ग्राम पंचायत करेड़ी पोस्ट के अंतर्गत आने वाले विभिन्न ग्रामों के साथ ही करेड़ी के सभी शस्त्र लाइसेंस प्रशासन ने निलंबित कर दिए हैं। बता दें कि इन छात्रों की संख्या 60 है सभी लाइसेंस गुरुवार कि सुबह 11 बजे ही निलंबित कर दिए गए।

खुजनेर टीआई और सूबेदार सहित अन्य पुलिसकर्मी घायल
घटना की जानकारी लगते ही पुलिस तेजी से गांव की तरफ गई थी। इस दौरान ग्रामीणों ने उनके वाहनों पर पथराव किया। इस पथराव में एसडीएम पल्लवी वैद्य तहसीलदार आरएल बागड़ी, थाना प्रभारी उमेश यादव के वाहन में तो तोड़फोड़ हुई। इसके अलावा खुजनेर टीआई रजनीश सिरोठिया और यातायात प्रभारी योगेंद्र मरावी सहित अन्य पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। घटना और बड़ा रूप ले लेती यदि टीआई उमेश यादव और तहसीलदार आर एल बागड़ी समय पर नहीं पहुंचते। उन्होंने पथराव की चिंता न करते हुए मौका स्थल पर पहुंचकर घरों में लगी आग के बीच से उसमें फंसे लोगों को बचाने का भरसक प्रयास किया। हालांकि इससे पहले ही लोग वहां से जा चुके थे, टीआई और तहसीलदार की इस भूमिका पर आईजी ने उनकी प्रशंसा की।