
परीक्षा से पहले फूट-फूटकर रोए बच्चे, स्कूल की मनमानी पर परिजनों ने किया हंगामा
राजगढ़/खिलचीपुर. मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में खिलचीपुर स्थित एक स्कूल के बच्चे परीक्षा देने से पहले फूट-फूटकर रोते नजर आए, बच्चों को रोता देख उनके परिजन भी रोने लगे, इसी बीच कई परिजन आक्रोशित हो गए और उन्होंने स्कूल की मनमानी के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया, सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस भी पहुंची। हालांकि परिजनों का हंगामा करना भी वाजिब था, क्योंकि बच्चों को स्कूल में सालभर जो सिलेबस पढ़ाया गया, उसके आधार पर प्रश्न पत्र नहीं आने हैं, इस कारण बच्चे भी परीक्षा देने से पहले रोते नजर आए।
शासन के तमाम निर्देशों के बाद भी कई निजी स्कूल अपनी मनमानी पर उतारू रहते हैं और निर्धारित कोर्स की अपेक्षा खुद अपने सिलेबस चलाते हैं। मगर इस बार खिलचीपुर में संचालित होने वाले मदर टेरेसा स्कूल को यह मनमानी महंगी पड़ रही है। क्योंकि इस साल से पांचवी और आठवीं की परीक्षा को शिक्षा विभाग ने बोर्ड पैटर्न पर कराने के निर्देश दे दिए हैं, जिसके कारण यह परीक्षा भी उसी तरह होंगी और जो कोर्स शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित है उनसे संबंधित ही प्रश्न परीक्षा में पूछे जाएंगे। यही कारण है कि अब बड़ी संख्या में परिजन स्कूल पहुंचे और उन्होंने स्कूल प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। हालात यहां तक पहुंचे की हंगामा बढ़ते देख स्कूल में पुलिस को बुलाना पड़ा।
खिलचीपुर के मदर टेरेसा स्कूल की लापरवाही का एक मामला देखने को मिला, जहां पांचवी, आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राएं मदर टेरेसा स्कूल में परीक्षा बोर्ड पैटर्न से हो रही है। परीक्षा को लेकर मदर टेरेसा स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा पूरे वर्ष स्कूल ने अपना सिलेबस पढ़ाया है। अब कैसे हम परीक्षा में उत्तीर्ण होगे , इस बात को लेकर धरना प्रदर्शन किया। वहीं रैली बनाकर रेस्ट हाउस पर ओपीएस भदोरिया राज्यमंत्री नगरीय विकास एवं आवास विभाग को ज्ञापन सौंपा। राज्यमंत्री भदोरिया खिलचीपुर टूर्नामेंट समापन कार्यक्रम व मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना से बनने बाली दुकानों का भूमिपूजन करने खिलचीपुर आए थे।मदर टेरेसा स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के पालक गण दुर्गा प्रसाद शर्मा, सुरेंद्र कुमार सेन, मुकेश कलोसिया, देवराज सिंह,तुलसीराम सोनी, दीपक शर्मा आदि ने बताया कि मदर टेरेसा स्कूल प्रबंधन ने मनमाने ढंग से प्रबंधन के सिलेबस को पढ़ाकर हमारे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। जबकि पांचवी , आठवीं के पेपर राज्य शिक्षा बोर्ड से होना था तो इन्होंने शिक्षा बोर्ड का कोर्स क्यों नहीं पढ़ाया।
बच्चों को लॉकेट, रक्षा सूत्र पहनने पर रोक
मदर टेरेसा स्कूल के बच्चों तनिष्का सिंह, सोनिया मालाकार, कार्तिक आदि ने बताया कि हमें स्कूल में रुद्राक्ष, रक्षा सूत्र, भगवान के लॉकेट आदि भी नहीं पहनने दिए जाते हैं, हम पहनकर आ जाते हैं तो हमें सजा दी जाती है, जो गलत है।
क्या रहता है स्वार्थ
परिजन यह भी आरोप लगाते हैं कि कई निजी स्कूल खुद का सिलेबस चलाते हुए इसमें मोटा मुनाफा कमाते हैं। क्योंकि विभिन्न प्रकार सब से बात करते हुए यह पुस्तकें बच्चों पर थोपी जाती हैं। आमतौर पर यह किसी एक दुकान पर ही मिलती हैं, जो मनमाने तरीके से इनकी बिक्री करते हैं। कहीं न कहीं इसमें स्कूल का ही स्वार्थ जुड़ा रहता है। इस कारण यह पुस्तकें किसी एक दुकान पर भेज दी जाती हैं और परिजनों को वहीं से इन्हें लेने की भी सलाह दी जाती है।
हमारा स्कूल हमारे उज्जैन के हेड ऑफिस से संचालित होता है। हमें अभी दो-तीन दिन पहले ही हमारे हेड ऑफिस उज्जैन से निर्देश आया है कि राज्य शिक्षा केंद्र के अनुसार पांचवी, आठवीं की परीक्षाएं होंगी। हम तैयारियां कर रहे हैं बच्चों को पढ़ाने की।
-सिस्टर मेरिन, प्राचार्य प्राचार्य।
अलग से जो सिलेबस चलाया जा रहा है और बच्चों को निर्धारित पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाया गया। इसकी जांच के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही वह जांच रिपोर्ट तैयार कर ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करें निर्देश दिए गए।
-ओपीएस भदौरिया, राज्यमंत्री नगरीय विकास एवं आवास विभाग मप्र।
Published on:
05 Mar 2023 12:19 pm
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