
अजीब केल्क्युलेशन ... पूर्व सांसद को मिला 108 यूनिट पर 1 लाख 12 हजार का बिजली बिल
BHANU THAKUR RAJGARH
राजगढ़। पूर्व सांसद नारायण सिंह आमलाबे के गांव में स्थित घर का बिजली का बिल 1 लाख 12000 से भी ज्यादा का आया है, वह भी उस स्थिति में जब खुद उन्हें थमाए गए विद्युत बिल में बिजली की खपत 108 यूनिट दर्ज है। फिर किस कैलकुलेशन के साथ इतनी अधिक राशि का यह बिल उन्हें दिया गया है, यह देखकर वह भी अचंभित हैं। हालांकि अब अधिकारी इस मामले में जांच करने की बात कह रहे हैं।
पूर्व सांसद नारायण सिंह आमलाबे के घर का जो कनेक्शन है, वह उनके पुत्र राजेंद्र सिंह के नाम पर है। यदि नारायण सिंह आमलाबे की मानें तो वह हर माह अपना विद्युत बिल जमा करते आए हैं, लेकिन पिछले माह एकाएक जो बढ़ाकर बिल भेजे थे, उसमें 3500 के लगभग उनका बिल आया था। यह राशि इसलिए बढकऱ आई थी क्योंकि कोविड में जो बिल माफ किए गए थे उन्हें बढ़ाकर भेजा गया। यह चेक करवा ही रहे थे कि इस माह जो बिल भेजा गया है वह एक लाख 12000 से भी ज्यादा कर भेज दिया है। जबकि पुराना बकाया 3800 रुपए था और खुद विद्युत मंडल द्वारा जो बिल अब उन्हें दिया गया है वह बिल भी 108 यूनिट का है। ऐसे में किस तरह से यह कैलकुलेशन किया गया और कौन-कौन से चार्ज लगाए गए कि मामूली सी यूनिट होने के बाद भी घरेलू कनेक्शन पर सवा लाख से भी ज्यादा का बिल थमा दिया गया। हालांकि उन्होंने बिल आने के बाद पूरे मामले में कंपनी के अधिकारियों से चर्चा करने की बात कही है।
अक्सर होता है उपभोक्ताओं के साथ ऐसा
यह पहला मामला नहीं है जब यह बिल किसी व्यक्ति को दिया गया हो जिसमें तमाम तरह के चार्ज लगाने के बाद भी इतना बिल समझ से परे है। ऐसे कई उपभोक्ताओं को बिल मिलते रहे हैं, लेकिन जिसकी पहुंच नहीं होती उसे यह बिल चुकाना ही पड़ता है, देखना है इस मामले में कंपनी द्वारा दिया गया बिल कम होता है या फिर पूर्व सांसद को भी जारी किया गया बिल भरना पड़ेगा।
वर्जन। हो सकता है कुछ बकाया हो, लेकिन 108 यूनिट का इतना अधिक बिना संभव नहीं है। मुझे बिल की कॉपी भेज दें, मैं दिखवाता हूं कि कहां गलती हुई है।
पीसी गोर अधीक्षण यंत्री एमपीईवी राजगढ़।
कसान अपनी मर्जी से चुनेगा खरीदी केंद्र, लेकिन बुक करना होगा स्लॉट
25 मार्च से होनी है गेंहू की खरीदी शुरू
राजगढ़। समर्थन मूल्य पर होने वाली खरीदी को लेकर भले ही खासी तैयारियां की गई और 5 दिन का अतिरिक्त समय किसानों को पंजीयन के लिए दिया गया। लेकिन पिछले साल की तुलना में इस साल लगभग 12000 किसानों के पंजीयन कम हुए हैं, जबकि खेती के रकवे की यदि बात की जाए तो वह पिछले साल से बढ़ चुका है। इसके पीछे माना यह भी जा रहा है कि जो खुले बाजार में गेहूं के दाम मिल रहे हैं, वह समर्थन मूल्य से काफ ी अधिक हैं। यही कारण है कि किसानों ने इस बार पिछले साल की तुलना में ज्यादा रुचि नहीं ली। लेकिन फि र भी किसानों को समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर व्यवस्थाएं मिले इसके लिए प्रशासन लगातार एक से बढकऱ एक सुविधाएं दे रहा है, इसी कड़ी में इस बार किसानों को खुद अपने खरीदी केंद्र चुनने का विकल्प दिया गया है। जिसमें किसान अपने हिसाब से स्लॉट बुक करते हुए जहां उसे सुरक्षित लग रहा है वहां जाकर अपनी उपज बेच सकता है।
84 पंजीयन केंद्र निर्धारित और बढ़ेंगे
समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी को लेकर 25 मार्च से खरीदी की शुरुआत होगी, यहां बता दें कि जिन 84 केंद्रों पर किसानों के पंजीयन कराए गए हैं, वह केंद्र पहले से ही निर्धारित हैं। वहीं अन्य केंद्र भी आज ऑनलाइन किए जा सकते हैं। जिसकी सूची भी आज डाली जाएगी। ऐसे में किसान अपने हिसाब से अपने चुनिंदा खरीदी केंद्र को स्लॉट बुक कर सकता है। पहले किसान अधिकतम 50 क्विंटल अनाज एक बार में बेच पाता था, लेकिन इस बार ऐसा कोई बंधन नहीं है। यदि किसान ने इससे अधिक उपज का भी स्लॉक बुक किया है तो वह एक साथ ही पूरी उपज बेच सकेगा।
बिजली पानी छाया की करनी होगी व्यवस्था
जिन भी खरीदी केंद्रों पर खरीदी की जाएगी, वहां प्रशासन द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि बिजली पानी और छाया की पर्याप्त व्यवस्था हो किसानों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो। इसके लिए पहले से ही तैयारी की जा रही है बता दें कि यहां पर खुद कलेक्टर और सभी एसडीएम को उन्होंने खरीदी केंद्रों के निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने के निर्देश दिए है।
फैक्ट फाइल-
गेंहू पंजीयन 82985
कुल पंजीयन 85293
पिछले साल 97000
Published on:
20 Mar 2022 08:57 pm
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