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20 के बाद लागू होगा ई-वे बिल, नहीं बनवाने पर लगेगी पेनाल्टी

50 हजार से अधिक का माल 10 किमी से अधिक दूर जाने पर भी जांच के दायरे में, छह को ब्यावरा व पचोर और 11 को जीरापुर, 14 को नरसिंहगढ़ में शिविर

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GST E Way Bill

ब्यावरा/राजगढ़। एक जुलाई से लगे गुड्स एंड सर्विस टैक्स को लेकर रिटर्न फाइल करने में जिला भले ही पिछड़ा हो,लेकिन अब ई-वे बिल लागू करने की तैयारी विभाग ने कर ली है। इसके तहत 20 दिसंबर से 10 जनवरी के बीच ई-बिल लागू हो जाएगा।

इसमें तमाम ट्रांसपोटर्स और वे तमाम डीलर्स, व्यापारी व फम्र्स आएंगे जो 50 हजार से अधिक का माल 10 किमी से अधिक दूरी पर कहीं भी ले जा रहे हों, चाहे राजगढ़ से ब्यावरा ही क्यों न ले जाया जाए? सभी को पूरी डिटेल ई-वे इनरोलमेंट के माध्यम से ऑनलाइन देना होगी। इसमें गाड़ी नंबर, ले जाने का स्थान, प्रोडक्ट का नाम इत्यादि की जानकारी रहेगी। साथ ही संबंधित स्लैब के हिसाब से टैक्स पहले ही जमा किया जा चुका होगा। इसके लिए पहले इनरोलमेंट जनरेट किया जाएगा।

दिखाना होगा ई-बिल वरना लगेगी पेनाल्टी
20 दिसंबर के बाद कभी भी लागू हो जाने वाले ई-बिल को 50 हजार से अधिक का माल ले जाने वाले डीलर्स को अनिवार्य रूप से दिखाना होगी। यह जांच 10 किमी से अधिक पर किसी भी जगह हो सकती है। यदि फम्र्स मालिक या ट्रांसपोर्टर बिल नहीं बता पाते तो उसे चोरी का माल माना जाएगा। यानी उसा कोई ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं रहेगा। ऐसी स्थिति में उस पर पैनाल्टी लगाई जाएगी। बता दें कि ई-वे बिल पर जानकारी देने के बाद विभाग जीएसटी के डाटा से उसे मैच करेगा।

दिया जाएगा प्रशिक्षण
ई-वे बिल को लेकर तमाम क्वेरिज दूर करने के लिए वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा छह दिसंबर से प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रेक्टिकल तौर पर विभाग के आला अफसर न सिर्फ ई-वे बिल के बारे में बताएंगे बल्कि प्रायोगिक रूप से ऑनलाइन जानकारी भी देंगे। छह दिसंबर को ब्यावरा के अग्रवाल धर्मशाला में और पचोर के गंगा लॉज में ई-वे कैम्प लगेगा। इसके बाद 11 को जीरापुर की मेढ़तवाल धर्मशाला में और 14 को नरसिंहगढ़ के राधा गॉर्डन में प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा। इसमें ई-वे बिल बिल जनरेट करना और इनरोलमेंट को कैसे काम लेना है इसके बारे में बताया जाएगा। इसमें तमाम ट्रांसपोर्टर और एक बार में 50 हजार से अधिक की खरीदी करने और भेजने वाले तमाम व्यापारी शामिल हो सकते हैं।

ई-वे बिल के दायरे में तमाम ट्रांसपोर्टर और 50 हजार से अधिक का माल ले जाने वाले डीलर्स आएंगे। 10 किमी के दायरे में भले ही गोडाउन से दुकान तक पर माल लाया जा रहा हो उस पर ई-वे बिल लागू होगा। इसके लिए फम्र्स मालिक ई-वे बिल की वेबसाइट पर जानकारी अपलोड की जाएगी।
-सतेंद्र चौरसिया, जिला वाणिज्यिक कर अधिकारी, राजगढ़