
राजगढ़। खुजनेर से राजगढ़ तक बनाई जा रही 29 किमी लंबी सीसी सड़क के मामले में गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों पर शिकायत के बाद सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा एक जांच दल भेजा गया। जिसमें खुद मुख्य तकनीकी परीक्षण अधिकारी आरके मेहरा मौजूद थे।
जहां उन्होंने सड़क को लेकर कई तरह के सवाल उठाए और गुणवत्ता को लेकर भी कई सवाल किए। यहां लोनिवि ईई द्वारा कुछ सवालों के जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने कहा कि किताब पढ़ी है क्या। उसमें सबकुछ लिखा है। लेकिन देखने से लग रहा कि यहां ज्यादा ध्यान नहीं दिया जा रहा। राजगढ़ से लेकर जांच दल ने खुजनेर तक पूरी सड़क में कई जगह निरीक्षण किया।
करीब 11 बजे जांच दल राजगढ़ आया। जहां खुजनेर नाके से उन्होंने सड़क निर्माण को देखना शुरू किया। सड़क की डबल वॉल में शुरू में ही कमियां मिली। जिसे लेकर उन्होंने फटकार लगाई। इसके अलावा सड़क के अंदर डाले गए सरिये नजर नहीं आने पर उन्होंने सड़क को खोदने के लिए कहा। हालांकि जेसीबी नहीं होने से खुदाई नहीं हो सकी।
इसके बाद सड़क में कितनी भराई की गई। इसके लिए मजदूरों से ठेकेदार द्वारा की गई पिचिंग को दिखवाया। वहीं उसके सेंपल भी भरे गए। जिस तरह तकनीकी परीक्षण अधिकारियों ने एक दिन में ही सड़क निर्माण में कई कमियां निकाल दी। इससे जाहिर होता है कि कहीं न कहीं ठेकेदार को अधिकारियों का संरक्षण है, जो भविष्य में राजगढ़ और खुजनेर की जनता को भुगतना पड़ेगा। जब कुछ समय बाद ही सड़क जवाब दे देगी।
करेड़ी में खुदवाई सड़क
सड़क की पिचिंग के लिए कितनी खुदाई की गई। इसके लिए करेड़ी के पास पूरी सड़क को खुदवाया गया और वहां के सेंपल भी लिए। यहां सड़क की किनार टूटे न। इसके लिए तैयार किए जा रहे बैस में कई तरह की कमियां बताई गई। और तो और जिस जगह निर्माण चल रहा था। वहां भी कांक्रीट के नीचे बिछाई हुई पॉलिथीन सुकड़ी हुई डली हुई थी।
कई बार हुई शिकायतें
सड़क निर्माण में शुरू से ही गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे है। तत्कालीन ईई जावेद शकील का स्थानांतरण भी इस सड़क से जोड़कर देखा जाता है। जहां उनके द्वारा उठाई गई आपत्ति के बाद उन्हें भोपाल भेज दिया गया। वहीं सड़क की पिचिंग से पहले होने वाली खुदाई भी रहवासी बस्तियों के पास की गई। जबकि अन्य जगह पुरानी सड़क पर ही मुरम गिट्टी बिछा दी गई।
किसी भी विभाग द्वारा कराए जाने वाले निर्माण की जांच हम कर सकते है। निर्माण अच्छा हो। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा हमें भेजा गया है। प्रथम दृष्टियां जो कमियां मिली। उसके सुधार के लिए कहा गया है। सेंपल लेकर जा रहे है। इसमें जो कमियां मिलेगी। उसके बाद आगामी कार्रवाई होगी।
- आरके मेहरा, मुख्य तकनीकी परीक्षण अधिकारी भोपाल
Published on:
30 Nov 2017 11:40 am
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