
ब्यावरा.गांव के आस-पास के रास्ते बंद करवा दिए गए, साथ ही चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है। साथ ही तीन किमी हिस्से को भी कंटोनमेंट घोषित कर दिया।,ब्यावरा.महिला को जिला अस्पताल में क्वारेंटीन करने के बाद स्वास्थ्य अमला काछीखेड़ी पहुंचा।
काछीखेड़ी कंटोनमेंट एरिया से राजेश विश्वकर्मा की ग्राउंड रिपोर्ट...
ब्यावरा.जीरापुर के काछीखेड़ी गांव की महिला कोरोना पॉजिटिव पाई जाने के बाद गांव में को सील कर दिया गया। आस-पास के करीब पांच किमी हिस्से को कंटोनमेंट घोषित कर दिया गया, गांव आने वाले हर मार्ग को सील कर दिया गया।
रात में महिला को क्वारेंटीन करने के बाद गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिला की हिस्ट्री खंगाली जहां महिला से डिलिवरी के बाद भी मिलने वाले करीब 10 लोगों के सैम्पल लिए गए। गांव वालों ने पत्रिका को बताया कि डिलिवरी के बाद करीब 10 लोग जिला अस्पताल पहुंचे थे, जिनमें से एक 35 वर्षीय महिला है जिसने बच्चे को गोद में लिया और उसे दुलारा भी था। ऐसे में उन तमाम 10 लोगों के सैम्पल लिए गए हैं। इसके अलावा पूरे गांव के चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है, आस-पास के करीब पांच किमी एरिया को कंटोनमेंट घोषित कर दिया गया। न कोई बाहर आ सकता है न कोई कहीं जा सकता। गांव को जोडऩे वाले तमाम मार्गों से संपर्क तोडऩे के लिए जेसीबी की मदद से खुदाई करवा दी गई। साथ ही सभी को आगाह भी कर दिया है।
दो माह से झालावाड़ चल रहा था महिला का ईलाज
पत्रिका को गांव के बापूलाल दांगी ने बताया कि उक्त महिला का उपचार झालवाड़ चल रहा था। उसे फेफड़ों और सांस की दिक्कत थी, दो माह पहले ही वे झालावाड़ गए थे, उसके बाद नहीं गए। इसके बाद डिलिवरी का उपचार जीरापुर अस्पताल में चल रहा था। 16 अप्रैल के एक दिन पहले दर्द होने के बाद उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया था, जिसके बाद 16 को सीजर करना पड़ा।
पति करते हैं मंदिर में पूजा, उनके भाई करते हैं गांव में फेरी
ग्रामीणों ने बताया कि महिला के पति गांव के मंदिर में पूजा करते हैं, उनके भाई गांव में फेरी (लगभग सभी घरों में संपर्क) करते हैं। ऐसे में प्रशासन की चुनौती और भी बढ़ गई है। हो सकता है कि पूरे गांव की ही स्क्रीनिंग करना पड़े। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि महिला को 16 के पहले ही कोरोना संक्रमण हो गया था या फिर बाद में, लेकिन उससे संपर्क में आए तमाम लोगों की जांच करना बड़ी चुनौती बन गया है।
पूरे गांव को सील कर दिया गया
महिला को सांस और फेफड़े की दिक्कत थी, झालावाड़ उपचार भी चल रहा था, लेकिन वह दो माह पहले चल रहा था। कोरोना से इसे जोड़ा नहीं जा सकता। जिला अस्पताल वालों की गलती यह है कि समय रहते चेत जाते तो बाकी लोगों को दिक्कत नहीं होती। फिलहाल गांव को पूरा सील कर दिया गया है।
-बापूलाल दांगी, ग्रामवासी, ग्राम काछीखेड़ी
10 लोगों के सैम्पल लिए हैं
गांव में महिला से संपर्क में आए करीब 10 लोगों के सैम्पल लिए हैं। पूरे गांव के आस-पास के एरिया को कंटोनमेंट घोषित कर दिया गया है। हमारा लक्ष्य अधिक से अधिक जांचें करवाने का है।
-डॉ. महेंद्र पाल सिंह, नोडल अधिकारी, कोविड-19, राजगढ़
Published on:
20 Apr 2020 06:00 am
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