
mp news: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां ग्राम पंचायत हिनौती में बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई है। यहां पदस्थ पंचायत सचिव की मौत के दो-तीन माह बाद भी उनकी आईडी से लाखों रुपए का भुगतान कर दिया गया। यानी मरने के बाद भी सचिव के फर्जी हस्ताक्षर सरकारी योजनाओं के कागजात पर होते रहे। अब इस मामले की शिकायत विभागीय प्रमुख सचिव के साथ ही सीएम तक की गई है।
हिनौती पंचायत के सचिव कैलाशचंद्र वर्मा की मौत 26 मार्च 2024 को हो चुकी है। लेकिन मौत के दो माह बाद यानी अप्रेल-मई में भी उनकी आईडी और सरकारी पोर्टल से लाखों रुपए का भुगतान कर दिया गया। मामले में पंचायत के वर्तमान सचिव लालसिंह तंवर ने पूरी शिकायत की है। आरोप लगाया है कि योजनाओं को मृत सचिव के नाम से संचालित किया जा रहा है। उनके फर्जी हस्ताक्षर से कई बिल पास कर लिए गए। मजदूरों के लिए निकाली जाने वाली मस्टर भी पास कर दिए गए। ग्रामीणों ने बताया कि जब वे नए सचिव से संपर्क करने पहुंचे तो सरपंच ने यह कहकर टाल दिया कि पुराने से ही काम करवा रखा है, सरकार रुपए न दे तो मुझसे नकदी ले जाना।
शिकायत में बताया गया कि ग्राम पंचायत में अभी भी मरे हुए सचिव के हस्ताक्षरों वाले बिल लगे हुए हैं। साथ ही मजदूरों की मस्टर डायरी में भी हस्ताक्षर हैं। वर्ष-2024 में ही भूमि समतलीकरण योजना के तहत 16 लाख से ज्यादा की राशि निकाल ली गई। सचिव के नाम पर वर्ष-2023-24 में 20 लाख रुपए से अधिक के खरीदे गए सामान का भुगतान 2024-25 में किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इस पूरी गड़बड़ी में सरपंच के रिश्तेदार राजाराम तंवर का नाम भी सामने आया है। यह अन्य पंचायत में रोजगार सहायक है लेकिन हिनौती पंचायत के काम में हस्तक्षेप करता है।
Published on:
01 May 2025 07:50 pm
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