राजगढ़. जिला चिकित्सालय से रेफर हुई एक प्रसूता को निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां सीजर से उसने गुरुवार को एक बच्ची को जन्म दिया और शुक्रवार को सुबह उसकी जान चली गई। बच्ची पहले ही मर चुकी थी। प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने इस पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन को दोषी ठहराते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हालात यह तक पहुंचे कि पुलिस को बुलाना पड़ा। डाबरी गांव की रहने वाली डालाबाई पति
धर्मेन्द्र वर्मा को निजी चिकित्सालय में गुरुवार की सुबह भर्ती कराया गया था। सुबह 9 बजे सीजर से एक बच्ची ने जन्म लिया, लेकिन बच्ची पहले ही पानी पी गई थी, जिसके बाद उसे जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया। यहां बच्ची की मौत हो गई। शुक्रवार सुबह महिला की हालत ठीक थी, लेकिन देखते ही देखते उसकी भी जान चली गई। परिजनों का आरोप है कि जब वह घबराहट में थी, तो चिकित्सकों ने कोई ध्यान नहीं दिया। ऐसे में वे सभी डॉक्टर के ऊपर आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पीएम के लिए भिजवाया। जहां से परिजनों को भी समझाइस देकर घर रवाना किया।