
18 करोड़ की रोड खा रही धूल, बस स्टैंड पर लीक हो रहा नालियों का पानी
ब्यावरा. शहर की जनता की जिस सुविधा के लिए 18 करोड़ का डिवाइडर वाला रोड दो साल पहले बनकर तैयार हो जाना चाहिए था, वह आज तक धूल खा रहा है। प्रशासनिक सुस्ती को देख व्यवस्था से विश्वास खो चुकी जनता रोजाना परेशानियां झेल रही है और दुखी हो रही है।
करीब दो साल पहले दो से ढाई करोड़ रुपए से संवारा गया शहीद भरथरे बस स्टैंड भी बदहाली के दौर में है। बस स्टैंड जाने और आने में डिवाइडर वाले रोड की अधूरी नालियों का गंदा पानी फजीहत कर रहा है। बस स्टैंड के दोनों ओर (आने और जाने वाले मार्ग पर..) पर गंदा पानी और कीचड़ मचा हुआ है।
जहां से पैदल निकल पाना तक मुश्किल हो रहा है। रोजाना वहीं से होकर निकलने वाले जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अफसरों की नजर में यह मामला होने के बावजूद कोई ध्यान नहीं देता। कुछ माह पहले कलेक्टर खुद आकर इसे संवारने का कहकर गई थी लेकिन बस स्टैंड के हालात जस के सत हैं।
नालियां तक नहीं बन पाने के कारण गंदा पानी रोड पर बह रहा है। बस स्टैंड पर काम करने वाले तमाम एजेंट्स ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि इस परेशानी को दूर किया जाए।
नालियां रौंधी, डिवाइडर की जालियां भी घटिया
गुना नाके से भोपाल बाइपास पर जगह-जगह डिवाइडर वाले रोड की नालियां रौंधी हुई है। कहीं दुकानदार नहीं बनाने दे रहे, तो कहीं प्रशासन ही ध्यान नहीं देना चाहता। ठेकेदार ने बिना किसी मॉनीटरिंग के घटिया क्वालिटी की नालियां बनाईं जिनमें न ढंग की सीमेंट डाली गई न अन्य मटेरियल।
तराई के अभाव में पूरी नालियां ही टूटने लगी हैं। मुख्य मार्केट के दुकानदारों को जबरन परेशान कर उनकी पुरानी नालियां तोड़ दी गई और तोडऩे वाले जिम्मेदार ही अब गायब हैं। कुल मिलाकर पूरे शहर की व्यवस्था भगवान भरोसे हो गई है।
खास लोगों के घर के सामने पैवर्स ब्लॉक, बाकी जगह धूल-गड्ढे!
करीब तीन करोड़ की लागत से शहरभर को संवारने लगने वाले पैवर्स ब्लॉक भी कुछ चुनिंदा खास लोगों के घर के सामने लगकर रह गए हैं। आगे के हिस्से में प्रशासन नौटंकी करता रहा कि दुकानदार खुद पैवर्स ब्लॉक लगाएंगे, नतीजा यह रहा कि पूरा रोड धूल खा रहा है।
जहां पैवर्स ब्लॉक लगाए जाने थे वहां धूल, मिट्टी, गड्ढे हो चुके हैं, लोग रोजाना उनमें गिर पड़ रहे हैं। सौंदर्यता तो बहुत दूर की बात है लेनिक मूल पुराने काम भी पूरे नहीं हो पाए हैं। साढ़े चार साल के मौजूदा परिषद के कार्यकाल में शहर ती तमाम जनता को सिवाय निराशा के कुछ हाथ नहीं लगा।
बचे हुए काम पर ही है फोकस
बस स्टैंड पर मैं खुद देखने जाऊंगा, कहां और क्यों दिक्कत है? रही बात बचे हुए काम की तो उसी पर हमारा फोसक है। जल्द पूरा किया जाएगा।
- इकरार अहमद, सीएमओ, नपा, ब्यावरा
संवारेंगे ब्यावरा शहर भी
शहर की जिम्मेदारी हम सभी की है। हम उसे संवारने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। इसके लिए बदहाल ट्रैफिक सुधारेंगे और बचा हुआ अतिक्रमण भी जल्द हटाया जाएगा।
- निधि निवेदिता, कलेक्टर, राजगढ़
Updated on:
27 Nov 2019 10:42 am
Published on:
27 Nov 2019 10:20 am
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