7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Breaking News : ब्यावरा में नकली दूध की आशंका, 2300 लीटर दूध और 80 किलो घी सील!

होली पर प्रशासन की कार्रवाई -राधा-कृष्ण डेयरी पर प्रशासन की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई, घी और दूध के अलावा अन्य उत्पादों के सैम्पल लिए

2 min read
Google source verification
Breaking News : ब्यावरा में नकली दूध की आशंका, 2300 लीटर दूध और 80 किलो घी सील!

Breaking News : ब्यावरा में नकली दूध की आशंका, 2300 लीटर दूध और 80 किलो घी सील!

Rajesh Vishwakarma
ब्यावरा.जिला मुख्यालय के एक गांव में बड़े स्तर पर मिले जहरीले दूध के बाद ब्यावरा में बड़े स्तर पर होने वाली दूध की खपत में भी मिलावट की आशंका प्रशासन ने जताई है। इसी तारतम्य में ब्यावरा की एक दूध डेयरी का 2300 लीटर दूध और 80 किलो घी सील कर दिया गया। उसके सैम्पल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
दरअसल, कलेक्टर हर्ष दीक्षित के निर्देश पर फूड सेफ्टी टीम के साथ ही स्थानीय प्रशासनिक अमला शहीद कॉलोनी स्थित राधा-कृष्ण दूध डेयरी पर पहुंचा। यहां का दूध, घी देखते ही टीम को संदेह हो गया कि इसमें कुछ न कुछ मिलावट जरूर है। इसी आधार पर उन्होंने सैम्पलिंग की। दूध, दही, मक्खन, घी, पनीर इत्यादि प्रोडक्ट के सैम्पल लिए। साथ ही डेयरी को सील कर दिया। पूरे मामले में जमकर राजनीतिक हस्तक्षेप हुआ, दबाव बनाने की कोशिश की गई लेकिन कलेक्टर के निर्देश पर बड़े स्तर पर यह कार्रवाई की गई।

रात 4 बजे तक चली कार्रवाई, डेयरी सील कर ही हटा अमला
मंगलवार रात 10 बजे के आस-पास टीम डेयरी पर पहुंच गई। इस बीच सैम्पल लेने और पूरी कागजी कार्रवाई में काफी समय लग गया। मंगलवार-बुधवार दरमियानी रात चार बजे तक सतत रूप से कार्रवाई चलती रही। इस दौरान तहसीलदार, एसडीओपी नेहा गौर, देहात थाना प्रभारी राम कुमार रघुवंशी, फूड सेफ्टी ऑफिसर आर. के. खत्री, पटवारी नवीन शुक्ला सहित अन्य प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। पूरा अमला कार्रवाई कर डेयरी को सील करने के बाद ही वहां से हटा।

घी और दूध में मिलावट की पूरी आशंका
फूड सेफ्टी ऑफिसर ने मौके पर ही संदेह जताया कि इस घी को देखकर लग ही रहा है कि इसमें मिलावट है। यानि अमानक स्तर का यह हो सकता है। साथ ही जिस दूध की सैम्पलिंग की गई है उसमें भी आशंका टीम ने जताई है। डेयरी के रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि एक ही गांव से 600 लीटर से ज्यादा दूध आने का दावा है हकीकत में वहां इतने मवेशी ही नहीं है। ऐसी स्थिति में इतना दूध कहां से आया, यह भी एक बड़ा सवाल है?

एक्सपर्ट कमेंट्स...
बच्चे, बूढ़ों से लेकर हर वर्ग के लिए जानलेवा है जहरीला दूध
आम तौर पर छह माह के बाद बच्चों को बाहर का दूध दिया जाता है। जहरीला दूध उनके लिए जानलेवा हो सकता है। बच्चों के साथ ही बूढ़े, जवान सभी के लिए यह हानिकारक है। किडनी, लीवर, आंतों के साथ ही अन्य दिक्कतें ये पैदार करता है। साथ ही शुगर, बीपी, थायराइड वाले मरीजों और कमजोर इम्यूनिटी वालों के लिए भी जहरीला दूध जानलेवा है।
-डॉ. बी. एम. गुप्ता, शिशु रोग विशेषज्ञ, सीएच, ब्यावरा

शासन को रिपोर्ट सौंपी है
दूध, घी में मिलावट की शिकायत मिली थी। इस आधार पर सैम्पल लिए गए हैं। डेयरी के साथ ही 2300 लीटर दूध, 80 किलो घी को सील किया है। सैम्पल की रिपोर्ट आना अभी शेष है। उसके बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, फिलहाल डेयरी सील की है।
-महेंद्रप्रतापसिंह किरार, तहसीलदार, ब्यावरा