
Rajgarh Jhagda Practice- विधवा महिला से उसके पूर्व ससुराल वालों ने मांगा 15 लाख रूपए का झगड़ा (फोटो सोर्स- Patrika)
(रिपोर्ट- राजेश विश्वकर्मा, राजगढ़)
Widow Remarriage Dispute- मध्य प्रदेश के राजगढ़ में पति की मौत के बाद छह साल तक अकेले संघर्ष करती रही एक महिला ने अपनी जिंदगी को नया सहारा देने के लिए पुनर्विवाह किया। लेकिन नया घर बसाने का यह फैसला अब उसके लिए परेशानी का कारण बनता दिखाई दे रहा है। महिला का आरोप है कि उसके पूर्व ससुराल पक्ष के लोग उससे 15 लाख रुपए का "झगड़ा" मांग रहे हैं। धमकी भरे पत्र भेजे जा रहे हैं और उसके नए घर के आसपास आगजनी की घटनाएं भी हो चुकी हैं।
मामला राजगढ़ जिले के ग्राम कोलुखेड़ी का है। परिवर्तित नाम सीमाबाई (32) के अनुसार उनका विवाह करीब 13 वर्ष पहले ग्राम देवरिया निवासी युवक से हुआ था। दांपत्य जीवन के दौरान एक पुत्री का जन्म हुआ, जिसकी वर्तमान आयु करीब नौ वर्ष है। करीब छह वर्ष पूर्व बीमारी के चलते उनके पति का निधन हो गया। महिला का कहना है कि पति की मृत्यु के बाद उन्होंने वर्षों तक ससुराल में रहकर परिस्थितियों का सामना किया लेकिन इस दौरान उन्हें मानसिक प्रताड़ना और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ा।
बाद में वह अपनी बेटी के साथ मायके आ गईं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार में बेटी का पालन-पोषण भी चुनौती बनता जा रहा था। इन्हीं परिस्थितियों के बीच उन्होंने परिजनों की सहमति और अपनी इच्छा से ग्राम कोलुखेड़ी निवासी युवक से पुनर्विवाह कर लिया और नई जिंदगी की शुरुआत की लेकिन महिला का आरोप है कि इसी के बाद विवाद शुरू हो गया।
शिकायत के अनुसार पूर्व ससुराल पक्ष के लोग कथित तौर पर 15 लाख रुपए और जेवरात की मांग करते हुए "झगड़ा" देने का दबाव बना रहे हैं। महिला ने आरोप लगाया है कि उनके निवास क्षेत्र में आगजनी की घटनाएं हुईं और मौके पर धमकी भरे पत्र भी छोड़े गए। सबसे गंभीर आरोप उनकी नौ वर्षीय पुत्री को लेकर है। महिला का कहना है कि पूर्व ससुराल पक्ष के लोग बच्ची को अपने साथ ले जाने और उसकी सगाई करने की बात कह रहे हैं। इस दावे ने बाल अधिकारों और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
महिला ने थाना कोतवाली राजगढ़ में शिकायत दर्ज कराते हुए स्वयं, अपने वर्तमान पति और पुत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह मामला केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि महिलाओं के पुनर्विवाह के अधिकार, सामाजिक स्वीकार्यता और बच्चों की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों को भी सामने लाता है। अब पूरे मामले में पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।
विधवा पुनर्विवाह भारतीय समाज में महिला के सम्मान, स्वाभिमान और उसके पुनः जीवन निर्माण के अधिकार का प्रतीक है। ऐसे कदम को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, न कि उनके विरोध में भय, धमकी और तथाकथित "झगड़ा" जैसी कुप्रथाओं का सहारा लिया जाना चाहिए। किसी महिला से धन की मांग करना, धमकी भरे पत्र भेजना अथवा सामाजिक दबाव बनाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि मानवीय मूल्यों के भी विरुद्ध है। ऐसी कुरीतियों को बढ़ावा देने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई होना आवश्यक है, ताकि समाज में समानता, न्याय और सम्मान की भावना मजबूत हो सके। -अरुण सातालकार, डायरेक्टर, अंहिसा वेलफेयर सोसायटी, राजगढ़
राजगढ़ जिले में नातरा और झगड़ा कुप्रता (Rajgarh Jhagda Practice) लंबे समय से चली आ रही है। इसमें यदि किसी की शादी टूटती है और वह दोबारा शादी करता है तो पहले ससुराल वाले उनसे इसके बदले झगड़े में राशि मांगते हैं। वह राशि लाखों तक हो सकती है। इस मामले में महिला के पति की मौत हो जाने के बाद भी उसके परिवार वाले दूसरी शादी के बाद झगड़ा मांग रहे हैं।
Published on:
24 Jun 2026 05:17 pm
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