राजगढ़. नगरपालिका के कचरा वाहन और फायर बिग्रेड बिना नम्बर शहर सहित जिलेभर में दौड़ रहे हैं। पंजीयन होने के बावजूद वाहनों पर नम्बर नहीं डाले गए हैं। नगर पालिका के सीएमओ का हालांकि इस बारे में अजीब तर्क है। उनका कहना है कि वाहनों पर नम्बर डालना जरूरी नहीं है। जिसे चेक करना है वो गाड़ी का कार्ड चेक कर सकता है। गौरतलब है कि नगर को स्वच्छ रखने के लिए एक सप्ताह पहले नए कचरा वाहन आए हैं। वहीं तीन माह पूर्व नया फायर ब्रिगेड का वाहन भी आया है। ये वाहन राजगढ़ ही नहीं पूरे जिले में चल रहे हैं, लेकिन कहीं भी इन वाहनों पर नम्बर दर्ज नहीं किए गए हैं। बगैर नम्बर के मोहल्ले हो या फिर जिम्मेदार अधिकारियों के घर सभी जगह यह वाहन जा रहे हैं। किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया है।
..और यहां रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ तो नहीं चलाए वाहन
राजगढ़ की तरह ब्यावरा में भी शासन की ओर से 10 वाहन कचरा उठाने के लिए आए हैं। इस बारे में ब्यावरा के नगर पालिका के सीएमओ इकरार अहमद का कहना है कि इन वाहनों को एक तारीख के बाद ही चालू किया जाएगा। अभी आरटीओ से उक्त वाहनों का परमानेंट रजिस्ट्रेशन होना बाकी है। साथ ही फिटनेस और अन्य खानापूर्ति भी होना है। प्रक्रिया लंबी होने के कारण अभी पेंडिंग है, एक जनवरी के बाद ही चालू कर पाएंगे।
किसी भी वाहन पर नंबर अंकित होना अनिवार्य हैं। फिर चाहे वह नंबर अस्थायी हो या फिर स्थायी। दोनों ही स्थिति में वाहन पर नंबर लिखना चाहिए। यदि ऐसा नहीं है, तो 500 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता हैं।
बीएल मेहड़ा, टीआई यातायात थाना राजगढ़
सीएमओ हरिओम वर्मा से सीधी बात
रिपोर्टर: अभी जो कचरा वाहन आए है। उनका पंजीयन नहीं हुआ है क्या?
सीएमओ: जहां से खरीदे हैं, वहीं से पंजीयन हो गया है।
रिपोर्टर: वाहनों पर दर्ज नहीं किए हैं इसलिए पूछा था?
सीएमओ: वाहनों का नम्बर दर्ज करने की जरूरत क्या है।
रिपोर्टर: तो फिर वाहनों में नम्बर प्लेट क्यों दी जाती है, जब नम्बर की जरूरत नहीं है तो?
सीएमओ: वाहन में चेचिस नम्बर दर्ज है और पंजीयन का कार्ड है। नम्बर लिखने की कोई जरूरत नहीं है।
रिपोर्टर: ये तो बड़ी अजीब बात कर रहे हैं, सर कि नम्बर लिखना कोई जरूरी नहीं है।
सीएमओ: अजीब बात आप कर रहे है जब किसी को नम्बर देखना होगा, तो हम कार्ड दिखा देंगे, लिखने की क्या जरूरत है।