
राजनांदगांव / घुमका. लगातार सूखा के चलते गिर चुके जल स्तर के कारण खतरनाक पेयजल संकट की मार झेल रहे ग्रामीणों की सुध लेने शासन-प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में असफल हैं। लगातार सूखे के चलते भूजल स्तर राजनांदगांव ब्लाक में काफी नीचे चला गया है, जिसके कारण घुमका क्षेत्र के अधिकांश गांव में नलकूप और हैंडपंप पूरी तरह जवाब दे चुके हैं। कई गांवों में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है। यहां तक की सौर ऊर्जा चलित पंप भी पूरी तरह फेल हो चुका है।
ऐसा ही एक गांव घुमका से 4 किलोमीटर दूर ग्राम दर्रा जिसकी आबादी लगभग 1000 है। इस गांव में पीने के पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है। पानी के लिए काफी संघर्ष कर रहे हैं। कहने को तो इस गांव में 25 हैंडपंप हैं, जो पूरी तरह सूख चुके हैं। सूखा को देखते हुए इस गांव में इस बार 3 हैंडपंप और खुदाई किया गया। वह भी फेल हो गया। वहीं सौर ऊर्जा चलित दो पेयजल योजना भी असफल साबित हो गई।
तालाब भी हो चुका है गंदा
गांव में एकमात्र निस्तारी तालाब जिसका पानी का भी गंदा हो चुका है उसी का उपयोग करने ग्रामीण मजबूर हैं। कुल मिलाकर पीने के पानी के लिए वर्तमान में कोई भी साधन गांव में मौजूद नहीं है, जिसके चलते पेयजल के लिए गांव में कोहराम मच गया था। इसी बीच एक किसान को ग्रामीणों की तकलीफ महसूस हुई और अपने भागीरथ प्रयास से स्वयं के खर्च पर किसान ने ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया और लगातार एक महीने से हजारों रुपए खर्च कर पूरे ग्रामीणों को नि:शुल्क पेयजल उपलब्ध करा रहा है।
24 हजार लीटर पानी प्रतिदिन ला रहे
कृषक नरेंद्र चतुर्वेदी अपने बोर से हर रोज ट्रैक्टर ट्रॉली में टंकी फिट कर 6 ट्रीप लगभग 24 हजार लीटर पानी प्रतिदिन गांव वालों के लिए अपने ट्रैक्टर से लेकर आता है और प्रत्येक वार्ड में स्वयं घूम-घूमकर ग्रामीणों को पीने का पानी उपलब्ध कराता है। इसके लिए कृषक चतुर्वेदी ने पानी की टंकियां, पाइप लाइन, वाल, नोजल आदि खरीद ट्रैक्टर में फिट किया है।
Published on:
14 May 2018 12:22 pm
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